Tuesday, August 18, 2026

NFSM योजना से किसानों को मिल सकती है मदद, बीज और कृषि उपकरण समेत इन सुविधाओं का लाभ.

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नई दिल्ली: किसानों की खेती की लागत कम करने और फसलों की उत्पादकता बढ़ाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (NFSM) योजना के तहत कई तरह की सहायता उपलब्ध कराई जाती है। धान, गेहूं, दलहन और पोषक अनाज जैसी फसलों की खेती करने वाले किसान इस योजना के विभिन्न घटकों के तहत लाभ उठा सकते हैं।

योजना में बेहतर बीज, कृषि उपकरण, पोषक तत्व, जैव उर्वरक, कीट प्रबंधन और आधुनिक कृषि तकनीक से जुड़ी गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाता है। हालांकि, वास्तविक लाभ और सहायता की उपलब्धता संबंधित राज्य तथा योजना के घटक के अनुसार अलग हो सकती है।

किन चीजों के लिए मिल सकती है सहायता?

NFSM के अंतर्गत पात्र किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज और बीज मिनी किट उपलब्ध कराने के साथ कृषि उपकरणों तथा खेती की आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा दिया जाता है।

इसके अलावा जैव उर्वरक, जैव कीटनाशक और सूक्ष्म पोषक तत्वों से संबंधित सहायता भी योजना के विभिन्न प्रावधानों में शामिल है। किसानों को नई तकनीक अपनाने के लिए प्रदर्शन और प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।

योजना के कुछ घटकों के तहत कृषि मशीनरी, सिंचाई में इस्तेमाल होने वाली पानी की पाइप, क्षमता निर्माण और फसल कटाई के बाद की तकनीकों से संबंधित सहायता का भी प्रावधान है।

फसल प्रदर्शन के लिए कितना प्रावधान?

कृषि तकनीकों के प्रदर्शन के लिए भी NFSM में वित्तीय सहायता का प्रावधान है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार एक हेक्टेयर में अकेली फसल के प्रदर्शन के लिए 9,000 रुपये तक और क्रॉपिंग सिस्टम आधारित प्रदर्शन के लिए 15,000 रुपये तक सहायता दी जा सकती है।

पोषक अनाज से जुड़े एक हेक्टेयर के प्रदर्शन के लिए 6,000 रुपये तक सहायता का प्रावधान बताया गया है। इन राशियों का वास्तविक लाभ संबंधित दिशा-निर्देश और स्थानीय कार्यान्वयन के आधार पर निर्भर करेगा।

बीज पर भी मिल सकती है मदद

NFSM के तहत चयनित किसानों को बीज खरीद या वितरण से जुड़ी सहायता भी दी जाती है। सहायता की दर फसल और संबंधित प्रावधान के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।

एक किसान को एक फसल मौसम में अधिकतम 2 हेक्टेयर क्षेत्र तक बीज संबंधी सहायता मिलने का प्रावधान बताया गया है।

कौन किसान ले सकते हैं लाभ?

योजना का लाभ पात्र किसानों को राज्य में लागू संबंधित घटकों के अनुसार दिया जाता है। विभिन्न राज्यों और जिलों में फसलों तथा सहायता के प्रावधान अलग हो सकते हैं।

योजना के तहत छोटे और सीमांत किसानों, महिला किसानों तथा SC/ST वर्ग के लिए भी निर्धारित प्रावधानों के अनुसार फंड का आवंटन किया जाता है। NFSM के अलग-अलग घटकों को मिलाकर एक किसान को एक सीजन में अधिकतम 5 हेक्टेयर तक सहायता मिलने की पात्रता हो सकती है।

किन फसलों पर है जोर?

NFSM के तहत प्रमुख रूप से धान, गेहूं, दलहन और पोषक अनाज को बढ़ावा दिया जाता है। पोषक अनाज की श्रेणी में ज्वार, बाजरा, रागी और अन्य छोटे मिलेट्स शामिल हैं।

कुछ क्षेत्रों में योजना के तहत मक्का और जौ जैसी फसलों को भी शामिल किया जा सकता है। संबंधित किसान को अपने राज्य में लागू फसल सूची की जानकारी कृषि विभाग से लेनी चाहिए।

आवेदन के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत?

लाभ लेने के लिए सामान्य तौर पर किसान का आधार विवरण और बैंक खाते की जानकारी आवश्यक हो सकती है। SC/ST श्रेणी के किसानों से संबंधित प्रमाण पत्र भी मांगा जा सकता है।

इसके अलावा स्थानीय नियमों और योजना के घटक के अनुसार अन्य दस्तावेजों की आवश्यकता हो सकती है।

योजना के लिए कहां करें संपर्क?

NFSM के तहत लाभ लेने की प्रक्रिया और किसान चयन संबंधित राज्य की व्यवस्था के अनुसार किया जाता है। कई जगहों पर इसमें स्थानीय कृषि विभाग और ग्राम पंचायत की भूमिका हो सकती है।

इच्छुक किसान अपने जिला कृषि कार्यालय, प्रखंड कृषि पदाधिकारी या संबंधित कृषि अधिकारी से संपर्क कर अपने क्षेत्र में लागू NFSM घटकों, पात्रता, उपलब्ध सहायता और आवेदन की प्रक्रिया की जानकारी ले सकते हैं।

नोट: NFSM के तहत सहायता की राशि, पात्रता, फसल और अन्य शर्तें समय-समय पर जारी सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार बदल सकती हैं। आवेदन से पहले अपने राज्य के कृषि विभाग से नवीनतम जानकारी जरूर प्राप्त करें।

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