धनबाद: आर्थिक कठिनाइयों के बीच NEET में सफलता हासिल करने वाली भूदा बस्ती की पूनम कुमारी के डॉक्टर बनने का सपना अब पूरा होने की राह पर है। पूनम का दाखिला धनबाद के एसएनएमएमसीएच (SNMMCH) में MBBS पाठ्यक्रम में हुआ है। धनबाद उपायुक्त आदित्य रंजन की पहल पर उनकी एक साल की फीस जमा करा दी गई है। साथ ही पांच साल की MBBS पढ़ाई का पूरा खर्च उठाने की पहल की गई है।
पहले प्रयास में NEET में मिली सफलता
पूनम ने सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस, टेलीफोन एक्सचेंज रोड, पुराना बाजार से 12वीं की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने NEET की तैयारी की और अपने पहले ही प्रयास में परीक्षा पास कर ली।
उन्हें NEET में 582 अंक मिले। उनकी ऑल इंडिया रैंक 16,972 और CML रैंक 195 रही। एसएनएमएमसीएच में उनके दाखिले की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
एसएनएमएमसीएच के चिकित्सक डॉ. सुमन कुमार के अनुसार, उपायुक्त की पहल के तहत पूनम की एक वर्ष की फीस जमा की गई है और उनकी पांच वर्षीय MBBS शिक्षा का खर्च उठाने की व्यवस्था की जा रही है।
मां की बीमारी ने डॉक्टर बनने की प्रेरणा दी
पूनम ने बताया कि बचपन से उन्होंने अपनी मां को बीमारी से जूझते देखा। इलाज के बाद जब मां स्वस्थ होकर घर लौटती थीं, तो उनके मन में डॉक्टर बनने की इच्छा और मजबूत होती गई।
पूनम का कहना है कि डॉक्टर मरीज को स्वस्थ करने के साथ उसके परिवार में भी राहत और खुशी लाते हैं। इसी भावना से उन्होंने चिकित्सा के क्षेत्र में जाने का फैसला किया। अब डॉक्टर बनकर वह जरूरतमंद और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की सेवा करना चाहती हैं।
सेल्फ स्टडी और शिक्षकों के मार्गदर्शन से मिली सफलता
पूनम के मुताबिक 11वीं और 12वीं कक्षा के दौरान उन्होंने सेल्फ स्टडी पर खास ध्यान दिया। स्कूल की शिक्षिकाओं ने भी NEET की तैयारी में लगातार उनका मार्गदर्शन किया। परिवार का प्रोत्साहन और शिक्षकों का सहयोग उनकी तैयारी में अहम रहा।
उनके परिवार में माता-पिता के अलावा दो भाई, भाभी और बच्चे हैं। पूनम ने बताया कि परिवार को हमेशा भरोसा था कि वह डॉक्टर बनने में सफल होंगी। पढ़ाई के दौरान जब भी उनका आत्मविश्वास कमजोर हुआ, परिवार ने उनका हौसला बढ़ाया।
फीस की चिंता हुई दूर
NEET में सफलता के बाद MBBS की पढ़ाई का खर्च जुटाना पूनम के परिवार के लिए बड़ी चुनौती थी। ऐसे समय में उपायुक्त आदित्य रंजन की मदद मिलने से परिवार की आर्थिक चिंता काफी कम हुई है।
पूनम ने उपायुक्त के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पढ़ाई का खर्च उठाने की पहल से उन्हें अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने अन्य विद्यार्थियों से भी अपील की कि आर्थिक परिस्थितियां कठिन होने के बावजूद अपने लक्ष्य को नहीं छोड़ना चाहिए। पूनम के अनुसार, निरंतर मेहनत, लगन और सही मार्गदर्शन के जरिए अपने सपने को हासिल किया जा सकता है।
