Saturday, October 3, 2026

JSSC शिक्षक नियुक्ति विवाद: सरकार और आयोग की करीब 100 अपीलों पर 13 अक्टूबर को हाईकोर्ट में सुनवाई.

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रांची: झारखंड में वर्ष 2016 की स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़े विवाद में हाईकोर्ट में एक बार फिर अहम सुनवाई होने वाली है। मीना कुमारी मामले से संबंधित राज्य सरकार और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की करीब 100 अपील याचिकाओं पर 13 अक्टूबर को सुनवाई निर्धारित है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, सुनवाई चीफ जस्टिस एमएस सोनक की अध्यक्षता वाली खंडपीठ के समक्ष होगी।

समान मुद्दों वाली अपीलों पर भी होगी सुनवाई

मामले की पिछली सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष यह जानकारी रखी गई थी कि शिक्षक नियुक्ति विवाद से जुड़े कुछ अन्य मामले भी लंबित हैं, जिनमें समान कानूनी और तथ्यात्मक मुद्दे उठाए गए हैं।

इसके बाद खंडपीठ ने राज्य सरकार और JSSC से संबंधित अपीलों की सूची प्रस्तुत करने को कहा था। अब इन मामलों को 13 अक्टूबर की सुनवाई में एक साथ सुना जाना है।

2016 की शिक्षक भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा है विवाद

यह मामला स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2016 (CGTTCE-2016) से संबंधित है। इस भर्ती प्रक्रिया में बड़ी संख्या में शिक्षक पदों के लिए चयन किया गया था। बाद में नियुक्ति और संशोधित मेरिट सूची को लेकर विभिन्न अभ्यर्थियों की ओर से न्यायालय में याचिकाएं दाखिल की गईं।

सितंबर 2025 के एकल पीठ के फैसले में भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी कई याचिकाओं पर सुनवाई के बाद जांच की जरूरत बताई गई थी। अदालत के रिकॉर्ड में भर्ती प्रक्रिया से संबंधित प्रक्रियात्मक और चयन संबंधी मुद्दों का भी उल्लेख है।

फैक्ट फाइंडिंग कमीशन की भी हुई थी व्यवस्था

मामले की जांच के लिए एक सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमीशन गठित किए जाने की जानकारी सामने आई है। प्रारंभ में सेवानिवृत्त न्यायाधीश डॉ. एसएन पाठक की अध्यक्षता में आयोग बनाने की बात थी। बाद में उनकी असमर्थता के बाद सेवानिवृत्त न्यायाधीश गौतम कुमार चौधरी की अध्यक्षता में वन-मैन फैक्ट फाइंडिंग कमीशन गठित किया गया।

जांच का उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया और संशोधित मेरिट सूची से जुड़े विभिन्न पहलुओं की पड़ताल करना है।

संशोधित मेरिट लिस्ट और नियुक्तियों की जांच

जांच के दायरे में सुप्रीम कोर्ट के 2 अगस्त 2022 के फैसले के बाद JSSC की ओर से तैयार की गई संशोधित मेरिट सूची और उसके आधार पर हुई नियुक्तियां भी शामिल हैं।

इसके अलावा ऐसे मामलों की जांच की जानी है, जहां कम अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों की नियुक्ति को लेकर सवाल उठे हैं। वर्ष 2019 में खाली हुए पदों को बाद में भरने तथा पहले उम्मीदवारी खारिज होने के बावजूद नियुक्ति पाने वाले अभ्यर्थियों से जुड़े मामलों की भी पड़ताल प्रस्तावित है।

13 अक्टूबर की सुनवाई पर नजर

अब राज्य सरकार और JSSC की ओर से दायर करीब 100 अपीलों पर 13 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अदालत में संबंधित पक्षों की दलीलों और रिकॉर्ड के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी।

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