रांची: झारखंड सरकार की ओर से JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने की घोषणा के बाद लंबे समय से आंदोलन कर रहे छात्रों के बीच राहत और खुशी का माहौल है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की घोषणा के बाद सोमवार देर रात स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी और मंत्री दीपिका पांडे सिंह रांची सदर अस्पताल पहुंचे। दोनों मंत्रियों ने छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो को जूस पिलाकर उनकी भूख हड़ताल समाप्त कराई।
देवेंद्र नाथ महतो का अनशन करीब 24 दिनों बाद खत्म हुआ। सरकार के फैसले के बाद अस्पताल में मौजूद आंदोलनकारी छात्रों और समर्थकों में उत्साह देखने को मिला।
सोनम वांगचुक ने वीडियो कॉल पर दी बधाई
JSSC-CGL परीक्षा रद्द किए जाने की खबर सामने आने के बाद सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी देवेंद्र नाथ महतो से वीडियो कॉल के जरिए बातचीत की। उन्होंने छात्र नेता को आंदोलन की सफलता पर बधाई दी और झारखंड के छात्रों के प्रयासों की सराहना की।
वांगचुक ने आंदोलन से जुड़े छात्रों और सफल अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उन्हें आगे भी मेहनत और एकजुटता के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने का संदेश दिया।
सरकार और छात्रों के बीच संवाद पर जोर
बातचीत के दौरान सरकार की भूमिका और मुख्यमंत्री की ओर से परीक्षा रद्द करने के फैसले का भी उल्लेख हुआ। इस दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि सरकार और जनता के बीच संवाद बना रहना जरूरी है।
साथ ही, भविष्य में सामने आने वाली समस्याओं और व्यवस्थागत कमियों को मिलकर दूर करने की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई। छात्रों की ओर से लंबे समय तक किए गए आंदोलन के बाद परीक्षा रद्द करने की घोषणा को उनके लिए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
