रांची: जेएसएससी-सीजीएल भर्ती में कथित अनियमितता से जुड़े मामले में आरोपी अभय तिवारी की पत्नी सुषमा कुमारी और भाई अक्षय तिवारी को अदालत से राहत नहीं मिली है। अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत ने दोनों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। इससे पहले दोनों पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
28 अगस्त को दाखिल की थी जमानत अर्जी
सुषमा कुमारी और अक्षय तिवारी ने 28 अगस्त को अदालत में जमानत के लिए आवेदन दिया था। मामले में सीआईडी दोनों से पूछताछ के लिए रिमांड भी ले चुकी है। 15 सितंबर को हुई सुनवाई में दोनों पक्षों की दलील पूरी होने के बाद कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रखा था।
अगस्त में हुई थी गिरफ्तारी
सीआईडी ने अगस्त में सुषमा कुमारी और अक्षय तिवारी को गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी की कार्रवाई के बाद दोनों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत अदालत में पेश किया गया। मामले की जांच के दौरान सीआईडी ने दोनों से पूछताछ भी की थी।
अभय तिवारी पर क्या है आरोप
जांच एजेंसियों के अनुसार, अभय तिवारी का नाम जेपीएससी और जेएसएससी से जुड़ी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी की जांच में सामने आया है। वह TDPL में मार्केटिंग मैनेजर के पद पर काम कर चुका है। जांच के दौरान उसकी पत्नी और भाई के जेएसएससी-सीजीएल के जरिए नियुक्त होने का मामला भी जांच के दायरे में आया।
मामले में सीआईडी की जांच जारी है और इससे जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।
