रांची: झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने JSSC-CGL परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रही CID जांच पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि जांच केवल अभ्यर्थियों या कथित एजेंटों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े पूरे नेटवर्क और जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच होनी चाहिए। हाल के दिनों में इस मामले में CID की कार्रवाई और गिरफ्तारियों का सिलसिला जारी रहा है।
अभ्यर्थियों और एजेंटों तक जांच सीमित होने का लगाया आरोप
बाबूलाल मरांडी ने दावा किया कि मौजूदा जांच में छोटे स्तर पर कार्रवाई हो रही है, जबकि कथित बड़े साजिशकर्ताओं और प्रभावशाली लोगों की भूमिका की भी पड़ताल जरूरी है। उन्होंने मुख्यमंत्री से सवाल करते हुए कहा कि इतने बड़े कथित परीक्षा प्रकरण में केवल अभ्यर्थियों और एजेंटों को जिम्मेदार मानना पर्याप्त कैसे हो सकता है।
मरांडी ने पहले भी JSSC-CGL मामले में वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की स्वतंत्र जांच की मांग की है। सितंबर में उन्होंने CBI जांच की मांग करते हुए JSSC के तत्कालीन अधिकारियों और अन्य संबंधित लोगों की जवाबदेही तय करने की बात कही थी।
विनोद सिंह से पूछताछ का मुद्दा उठाया
मरांडी ने अपने बयान में विनोद सिंह का भी उल्लेख किया। उनका दावा है कि विनोद सिंह के पास JSSC-CGL के एडमिट कार्ड मिलने की बात सामने आई थी, लेकिन CID ने उनसे पूछताछ नहीं की। यह दावा मरांडी की ओर से किया गया है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि गिरिडीह में मामले से जुड़े कई लोगों की गिरफ्तारी हुई है। इसी आधार पर उन्होंने वहां के राजनीतिक नेताओं से पूछताछ को लेकर भी सवाल उठाए हैं। इन आरोपों और सवालों पर संबंधित लोगों का पक्ष इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है।
कई अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग
भाजपा नेता ने अनुराग गुप्ता, सुधीर गुप्ता, नीरज सिन्हा, मनोज कौशिक, प्रशांत कुमार और विनोद सिंह समेत कई नामों का उल्लेख करते हुए उनकी भूमिका की जांच की मांग की। उन्होंने विशेष रूप से प्रशांत कुमार और सुधीर गुप्ता के खिलाफ कार्रवाई तथा उन्हें पद पर बनाए रखने को लेकर सवाल उठाए।
इससे पहले भी मरांडी ने कहा था कि यदि परीक्षा प्रक्रिया में व्यापक स्तर पर गड़बड़ी हुई है, तो शीर्ष स्तर पर जिम्मेदारी तय करने के लिए संबंधित अधिकारियों की भूमिका की गहन जांच जरूरी है।
CID जांच में लगातार हो रही कार्रवाई
JSSC-CGL मामले की जांच में CID की कार्रवाई हाल के दिनों में तेज हुई है। विभिन्न रिपोर्टों के मुताबिक जांच एजेंसी ने कई लोगों को गिरफ्तार किया है और अभ्यर्थियों तथा अन्य संदिग्धों से पूछताछ की है। कुछ रिपोर्टों में जांच के दौरान कथित पेपर लीक और अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाने से जुड़े दावों का भी उल्लेख किया गया है। इन मामलों में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
जांच की पारदर्शिता पर भरोसा कायम करने की मांग
बाबूलाल मरांडी का कहना है कि छात्रों और आम लोगों का भरोसा तभी मजबूत होगा, जब जांच का दायरा केवल निचले स्तर के आरोपितों तक सीमित न रहे। उन्होंने पूरे कथित नेटवर्क, निर्णय लेने वाले स्तर और जिम्मेदार लोगों की भूमिका सामने लाने की मांग की है।
JSSC-CGL मामले को लेकर जांच के साथ-साथ न्यायिक स्तर पर भी कार्रवाई चल रही है। 28 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार, कथित JPSC-JSSC अनियमितताओं की CBI जांच की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई और अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को निर्धारित बताई गई है।
BharatSuperFastNews | रांची डेस्क
