रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन के और तेज होने की आशंका के बीच राज्य की स्पेशल ब्रांच ने सुरक्षा एजेंसियों और जिला प्रशासन को अलर्ट जारी किया है। सभी जिलों के उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक तथा रेल पुलिस अधिकारियों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा गया है।
विरोध कार्यक्रमों की जानकारी साझा
स्पेशल ब्रांच द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि विभिन्न छात्र संगठनों और राजनीतिक समूहों की ओर से आने वाले दिनों में पदयात्रा, धरना, सत्याग्रह, भूख हड़ताल और विधानसभा घेराव जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं। ऐसे आयोजनों को देखते हुए प्रशासन को पहले से आवश्यक सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
बापू वाटिका में जारी है सत्याग्रह
खुफिया रिपोर्ट के अनुसार, 25 जुलाई से रांची के मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका के समीप अभ्यर्थी न्याय मंच के बैनर तले अभ्यर्थी अनिश्चितकालीन सत्याग्रह पर बैठे हैं। आंदोलन का नेतृत्व छात्र प्रतिनिधियों और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच, भ्रष्टाचार पर कार्रवाई, समयबद्ध नियुक्ति प्रक्रिया और पारदर्शी भर्ती प्रणाली की मांग उठा रहे हैं।
इसी क्रम में 29 जुलाई को बापू वाटिका से परमवीर अल्बर्ट एक्का चौक तक पदयात्रा भी आयोजित की गई, जिसमें संविधान की प्रस्तावना का वाचन और राष्ट्रगान जैसे कार्यक्रम शामिल रहे।
भूख हड़ताल और विधानसभा घेराव की तैयारी
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि मांगों पर संतोषजनक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलनकारी 2 और 3 अगस्त से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर सकते हैं। इसके अलावा, 6 अगस्त से शुरू होने वाले झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान विधानसभा घेराव की भी योजना बताई गई है। इस कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के रांची पहुंचने की संभावना जताई गई है।
निजी संस्थानों के समर्थन की संभावना
स्पेशल ब्रांच ने अपनी रिपोर्ट में यह भी संकेत दिया है कि आंदोलन को कुछ निजी शिक्षण संस्थानों का समर्थन मिल सकता है। साथ ही सड़क और रेल मार्ग से बड़ी संख्या में छात्रों के राजधानी पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों को विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन को दिए गए निर्देश
राज्य पुलिस की विशेष शाखा ने सभी संबंधित अधिकारियों से कहा है कि प्रस्तावित कार्यक्रमों के मद्देनजर कानून-व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जाए, संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां पहले से सुनिश्चित की जाएं।
