Tuesday, September 15, 2026

JPSC-JSSC CGL भर्ती विवाद पर हाईकोर्ट का आदेश, सरकार को दो दिन की मोहलत; 18 सितंबर को अगली सुनवाई.

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रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने JPSC, JSSC CGL-2023, CDPO और फूड सेफ्टी ऑफिसर भर्ती परीक्षाओं के विज्ञापन रद्द किए जाने के मामले में राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए दो दिन का समय दिया है। अदालत ने पहले से लागू अंतरिम आदेश को फिलहाल जारी रखा है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 18 सितंबर, शुक्रवार को सुबह 10:30 बजे होगी।

सरकार ने मांगा था चार सप्ताह का समय

मंगलवार को हुई सुनवाई में राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मीनाक्षी अरोड़ा ने अदालत के सामने पक्ष रखा। सरकार ने मामले में विस्तृत जवाब और स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने के लिए चार सप्ताह की मोहलत मांगी थी।

हालांकि, हाईकोर्ट ने सरकार को इतनी लंबी समय-सीमा देने से इनकार कर दिया। अदालत ने केवल दो दिन का समय मंजूर किया है। साथ ही राज्य सरकार को निर्देश दिया गया है कि वह मंगलवार को ही अपनी स्टेटस रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में कोर्ट के समक्ष पेश करे।

भर्ती विज्ञापन रद्द करने का फैसला फिलहाल अटका

हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस मामले में पहले पारित अंतरिम आदेश अभी प्रभावी रहेगा। इसका मतलब है कि JPSC और JSSC CGL समेत चार भर्ती परीक्षाओं के विज्ञापन रद्द किए जाने के फैसले पर फिलहाल अंतिम मुहर नहीं लगी है।

अदालत अब सरकार का जवाब और संबंधित रिकॉर्ड देखने के बाद आगे की कार्रवाई पर विचार करेगी। मामले में अगला महत्वपूर्ण आदेश 18 सितंबर की सुनवाई के बाद सामने आने की उम्मीद है।

किन भर्ती परीक्षाओं से जुड़ा है मामला?

यह विवाद चार भर्ती प्रक्रियाओं से संबंधित है:

  • JPSC संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा
  • JSSC CGL-2023
  • बाल विकास परियोजना पदाधिकारी यानी CDPO भर्ती
  • फूड सेफ्टी ऑफिसर भर्ती परीक्षा

इन परीक्षाओं के विज्ञापन रद्द किए जाने के बाद अभ्यर्थियों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

हजारों उम्मीदवारों को अगले आदेश का इंतजार

भर्ती विज्ञापनों को रद्द किए जाने के फैसले से प्रभावित हजारों अभ्यर्थियों की निगाहें अब हाईकोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हैं। उम्मीदवारों को उम्मीद है कि अदालत के निर्देश के बाद भर्ती प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।

फिलहाल हाईकोर्ट ने अंतरिम व्यवस्था बनाए रखी है और राज्य सरकार को जल्द जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अब 18 सितंबर को होने वाली सुनवाई में मामले की दिशा और आगे की प्रक्रिया पर तस्वीर साफ हो सकती है।

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