Tuesday, September 15, 2026

बिहार के 235 कॉलेजों के शिक्षकों पर कार्रवाई की तैयारी, बायोमेट्रिक हाजिरी नहीं तो रुक सकता है वेतन.

Share

Bihar Teacher News: बिहार में अनुदानित इंटर और संबद्ध डिग्री कॉलेजों के शिक्षकों व कर्मचारियों के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। विभाग ने करीब 235 कॉलेजों से रिपोर्ट तलब की है। रिपोर्ट के आधार पर लापरवाही करने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन से जुड़ी अनुदान राशि पर रोक लगाने के साथ प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है।

पटना: बिहार के अनुदानित इंटरमीडिएट और संबद्ध डिग्री कॉलेजों में अब केवल उपस्थिति रजिस्टर में हस्ताक्षर करना पर्याप्त नहीं माना जाएगा। उच्च शिक्षा विभाग ने बायोमेट्रिक अटेंडेंस को भी अनिवार्य व्यवस्था का हिस्सा बनाया है।

विभाग की नजर इस बात पर है कि कॉलेजों में शिक्षक और कर्मचारी नियमित रूप से बायोमेट्रिक मशीन के जरिए अपनी उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं या नहीं। इसी सिलसिले में राज्य के करीब 235 संबंधित कॉलेजों के प्राचार्यों से रिपोर्ट मांगी गई है।

बायोमेट्रिक हाजिरी नहीं तो बढ़ सकती है परेशानी

नई व्यवस्था के तहत कॉलेजों में रजिस्टर पर दर्ज उपस्थिति के साथ बायोमेट्रिक अटेंडेंस का रिकॉर्ड भी महत्वपूर्ण होगा। यदि जांच में यह सामने आता है कि शिक्षक या कर्मचारी निर्धारित तरीके से बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज नहीं कर रहे हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

विभाग की ओर से संकेत दिया गया है कि नियमों का पालन नहीं करने वाले कर्मियों के वेतन के लिए मिलने वाली अनुदान राशि प्रभावित हो सकती है। हालांकि अंतिम कार्रवाई 235 कॉलेजों से प्राप्त रिपोर्ट की समीक्षा के बाद तय की जाएगी।

मई में जारी हुआ था आदेश

उच्च शिक्षा विभाग ने इसी वर्ष मई में अनुदानित कॉलेजों में शिक्षकों और कर्मचारियों को मिलने वाली अनुदान राशि को बायोमेट्रिक उपस्थिति से जोड़ने का निर्देश दिया था। यह व्यवस्था शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू की गई है।

इसी तरह अनुदान के लिए परीक्षा परिणाम को आधार बनाने वाले माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में भी शिक्षकों एवं कर्मचारियों के अनुदान वितरण को बायोमेट्रिक उपस्थिति से जोड़ा गया है।

चार श्रेणियों में बांटे गए कर्मचारी

विभाग की व्यवस्था के तहत स्कूलों में अनुदान राशि के वितरण के लिए कर्मचारियों को चार अलग-अलग श्रेणियों में रखा गया है।

  • पहली श्रेणी: प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक
  • दूसरी श्रेणी: शिक्षक और व्याख्याता
  • तीसरी श्रेणी: प्रयोगशाला तकनीशियन, कंप्यूटर सहायक, पुस्तकालयाध्यक्ष और कार्यालय सहायक
  • चौथी श्रेणी: केयरटेकर और ऑफिस अटेंडेंट

अनुदान की राशि भी इन्हीं श्रेणियों के आधार पर निर्धारित की गई है। इसमें प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक को सबसे अधिक राशि तथा उसके बाद शिक्षक और व्याख्याताओं को राशि दिए जाने का प्रावधान है।

235 कॉलेजों की रिपोर्ट के बाद तय होगा अगला कदम

अब उच्च शिक्षा विभाग को 235 कॉलेजों से मिलने वाली रिपोर्ट का इंतजार है। इस रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि किन संस्थानों में बायोमेट्रिक उपस्थिति की व्यवस्था नियमित रूप से लागू हो रही है और कहां नियमों का पालन नहीं किया जा रहा।

रिपोर्ट में यदि किसी कॉलेज या शिक्षक-कर्मचारी की ओर से लापरवाही सामने आती है, तो विभाग आगे अनुशासनात्मक कार्रवाई कर सकता है। ऐसे में संबंधित शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति को गंभीरता से लेना जरूरी हो गया है।

Read more

Local News