रांची: JPSC और JSSC की परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का विरोध प्रदर्शन शनिवार को तेज हो गया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़े छात्र मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास की ओर मार्च कर रहे थे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए रास्ते में बैरिकेडिंग की, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और तीखी बहस की स्थिति बनी।
पुलिस द्वारा आगे बढ़ने से रोके जाने के बाद कई प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। प्रदर्शन के कारण मुख्य सड़क पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
प्रदर्शन में शामिल छात्रों के हाथों में बिरसा मुंडा की तस्वीरें और विभिन्न पोस्टर नजर आए। छात्रों ने भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर सरकार के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी उठाई।
कुछ आंदोलनकारी छात्रों ने दावा किया कि पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान करीब 8 से 10 लोगों को हिरासत में लिया है। हालांकि, हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या को लेकर पुलिस की ओर से तत्काल कोई विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई।
CBI जांच की मांग पर अड़े छात्र
आंदोलन कर रहे छात्रों ने JPSC और JSSC की परीक्षाओं में कथित पेपर लीक तथा अन्य अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच की मांग की है। छात्रों ने राज्य की CID द्वारा की जा रही जांच पर भी सवाल उठाते हुए मामले की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) से कराने की मांग रखी।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कुछ ऐसी एजेंसियों को परीक्षा संचालन की जिम्मेदारी दी जाती रही है, जिनकी कार्यप्रणाली पहले विवादों में रही है। छात्रों का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की कमी का सीधा असर मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों पर पड़ता है।
11 अगस्त को विधानसभा घेराव की चेतावनी
आंदोलनकारी छात्रों ने कहा कि उनके कई साथी पिछले कुछ दिनों से धरना और भूख हड़ताल कर रहे हैं। उनके मुताबिक, मांगों पर सरकार की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण आंदोलन जारी है।
छात्र नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं करती है, तो 11 अगस्त को विधानसभा घेराव किया जाएगा। उनका कहना है कि आंदोलन किसी एक परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि JPSC और JSSC की पूरी भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग को लेकर है।
फिलहाल मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने वाले मार्ग पर पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई है और प्रदर्शनकारियों को आगे जाने से रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है।
