Tuesday, August 4, 2026

JPSC-JSSC विवाद: बाबूलाल मरांडी ने की अधिकारियों की बर्खास्तगी और CBI जांच की मांग.

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रांची: झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं को लेकर जारी विवाद के बीच नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए JPSC और JSSC के अध्यक्ष, परीक्षा नियंत्रक तथा सचिव को पद से हटाने की मांग की है।

बाबूलाल मरांडी ने मांग की कि संबंधित अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाए और पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) से कराई जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता की कमी के कारण छात्रों के भविष्य पर असर पड़ रहा है।

नेता प्रतिपक्ष ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर दावा किया कि परीक्षा में गड़बड़ी के लिए बिचौलियों की भूमिका रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले कुछ प्रश्नों की तैयारी कराई गई थी और उनमें से कई सवाल परीक्षा में दोहराए गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि परीक्षा केंद्रों पर इंटरनेट सेवा बाधित कर अनियमितताओं को अंजाम दिया गया।

मरांडी ने JSSC की ओर से 26 हजार आचार्य पदों के परिणाम जारी करने के तरीके पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि परिणाम एक साथ जारी नहीं किए जाने के पीछे भी सवाल खड़े होते हैं।

CID जांच पर भी उठाए सवाल

बाबूलाल मरांडी ने मामले की CID जांच को लेकर भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच सही दिशा में आगे बढ़ रही थी, लेकिन बाद में जांच टीम में बदलाव कर दिया गया। उन्होंने CID के वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए जांच की निष्पक्षता पर चिंता जताई।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ऐसे अधिकारियों के माध्यम से मामले को दबाने का प्रयास कर रही है, जिनकी कार्यप्रणाली पर पहले भी सवाल उठ चुके हैं।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि युवाओं को पैसे देकर नौकरी हासिल करने की स्थिति से राज्य के भविष्य को नुकसान पहुंच सकता है। उन्होंने लोगों से छात्रों के आंदोलन का समर्थन करने की अपील करते हुए कहा कि यह झारखंड के युवाओं के अधिकार और भविष्य से जुड़ा मुद्दा है।

हालांकि, इन आरोपों पर सरकार या संबंधित आयोगों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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