Monday, August 17, 2026

JPSC-JSSC विवाद: देवेंद्र नाथ महतो की अपील, बोले- सिर्फ परीक्षा रद्द नहीं, भर्ती सिस्टम में स्थायी सुधार जरूरी.

Share

रांची: JPSC-JSSC अभ्यर्थियों के आंदोलन के बीच अस्पताल में इलाज करा रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने वार्ता में शामिल छात्र प्रतिनिधियों से मौजूदा विवाद के साथ-साथ भर्ती प्रक्रिया में व्यापक सुधार की मांग रखने की अपील की है। उनका कहना है कि किसी परीक्षा को रद्द करना समस्या का अंतिम समाधान नहीं है। जरूरत ऐसी पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था बनाने की है, जिससे भविष्य में अभ्यर्थियों को परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठाने की स्थिति न आए।

देवेंद्र नाथ महतो के अनुसार, यदि सरकार किसी विवादित परीक्षा को रद्द करने पर सहमत होती है, तो इसे आंदोलन की पूर्ण सफलता नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने छात्र प्रतिनिधियों से कहा कि बातचीत के दौरान भविष्य की प्रतियोगी परीक्षाओं को निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने के लिए ठोस व्यवस्था की मांग भी रखी जाए।

परीक्षा विवाद से आगे व्यवस्था में बदलाव पर जोर

छात्र नेता का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में अभ्यर्थी वर्षों का समय लगाते हैं। ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया में किसी तरह की अनियमितता का असर सिर्फ एक परीक्षा तक सीमित नहीं रहता, बल्कि बड़ी संख्या में छात्रों की मेहनत और करियर प्रभावित होता है।

इसी वजह से उन्होंने वार्ता में वर्तमान विवाद के समाधान के साथ भर्ती व्यवस्था में दीर्घकालिक सुधार का रोडमैप तैयार करने पर जोर दिया है।

परीक्षा से नियुक्ति तक जवाबदेही की मांग

देवेंद्र नाथ महतो ने भर्ती प्रक्रिया के हर चरण में जिम्मेदारी तय करने की आवश्यकता बताई। उनके मुताबिक प्रश्नपत्र की सुरक्षा, परीक्षा केंद्रों की निगरानी, अभ्यर्थियों की पहचान, OMR और डिजिटल रिकॉर्ड की सुरक्षा, उत्तर कुंजी, रिजल्ट तथा नियुक्ति की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाना चाहिए।

उनका तर्क है कि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी सामने आने पर संबंधित व्यक्ति या एजेंसी की जवाबदेही स्पष्ट होनी चाहिए। इससे अभ्यर्थियों का परीक्षा प्रणाली पर भरोसा मजबूत होगा।

छात्रों की मांग को भविष्य से जोड़ने की अपील

देवेंद्र ने छात्र प्रतिनिधियों से कहा कि बातचीत केवल मौजूदा परीक्षा विवाद तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उनका जोर इस बात पर है कि झारखंड में ऐसी भर्ती व्यवस्था विकसित हो, जिसमें आने वाले वर्षों में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर छात्रों का भरोसा कायम रहे।

उन्होंने कहा कि आंदोलन का लक्ष्य सिर्फ तत्काल राहत हासिल करना नहीं, बल्कि भर्ती प्रक्रिया में ऐसे स्थायी बदलाव लाना होना चाहिए, जो भविष्य के अभ्यर्थियों के हित में भी काम करें।

Read more

Local News