JPSC-JSSC परीक्षा विवाद: रांची में छात्रों का प्रदर्शन तेज, 7 अगस्त को विधानसभा घेराव की तैयारी
रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की भर्ती परीक्षाओं को लेकर उठ रहे विवाद के बीच राजधानी रांची में छात्रों का आंदोलन लगातार गति पकड़ रहा है। विभिन्न छात्र संगठनों के नेतृत्व में अभ्यर्थी अल्बर्ट एक्का चौक पर धरना देकर परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और कथित अनियमितताओं की जांच की मांग कर रहे हैं।
प्रदर्शन में शामिल छात्रों का कहना है कि जब तक भर्ती प्रक्रिया से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच नहीं होती और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
आंदोलनकारी अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रिया में कई स्तरों पर गड़बड़ियों की आशंका है। उनका दावा है कि परीक्षा परिणाम और चयन प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता का अभाव है। छात्रों ने यह भी कहा कि आयोग की ओर से अब तक श्रेणीवार कट-ऑफ अंक और विस्तृत परिणाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, जिससे चयन प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में अब केवल प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार ही नहीं, बल्कि “आंदोलन” भी एक अतिरिक्त चरण बन गया है। उनका आरोप है कि राज्य गठन के बाद से कई भर्ती प्रक्रियाएं विवादों और शिकायतों के कारण चर्चा में रही हैं।
छात्र संगठनों ने 14वीं JPSC परीक्षा को रद्द कर दोबारा आयोजित करने की मांग की है। साथ ही, स्थानीय एवं नियोजन नीति को प्रभावी रूप से लागू करने, कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच कराने तथा दोषी अधिकारियों और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की भी मांग उठाई है।
प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार से भर्ती प्रक्रिया में जवाबदेही तय करने और युवाओं के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की अपील की। उनका कहना है कि रोजगार से जुड़ी परीक्षाओं में निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखना सरकार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
छात्र संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। इसी क्रम में 7 अगस्त को झारखंड विधानसभा तक मार्च निकालने की घोषणा की गई है, जिसमें राज्य के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
