देवघर: 11वीं से 13वीं JPSC और उससे जुड़ी परीक्षाओं को रद्द किए जाने के सरकारी फैसले का असर देवघर के श्रावणी मेला की प्रशासनिक व्यवस्था पर भी पड़ा है। इन परीक्षाओं के जरिए नियुक्त कुछ अधिकारी और कर्मचारी मेले में मजिस्ट्रेट सहित अलग-अलग जिम्मेदारियों पर तैनात थे। परीक्षा रद्द होने की सूचना के बाद इनमें से कई कर्मियों ने अपनी ड्यूटी छोड़ दी।
मेले में तैनात कर्मियों के हटने से बदली व्यवस्था
जानकारी के अनुसार, सरकार की अधिसूचना सामने आने के बाद JPSC परीक्षा के माध्यम से नियुक्त अधिकारियों और कर्मचारियों में असमंजस की स्थिति बनी। कुछ कर्मियों ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी दी और मेला ड्यूटी से अलग होकर अपने गृह क्षेत्र या रांची की ओर रवाना हो गए।
मेले में मजिस्ट्रेट की जिम्मेदारी संभाल रहे अमित आनंद और ओपी-5 में तैनात हरे राम के भी ड्यूटी से हटने की जानकारी सामने आई है।
करीब 70 अधिकारी-कर्मचारी थे तैनात
देवघर के उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया के अनुसार, श्रावणी मेला में लगभग 70 ऐसे अधिकारी और कर्मचारी ड्यूटी पर लगाए गए थे, जिनकी नियुक्ति 11वीं से 13वीं JPSC परीक्षा के जरिए हुई थी। सरकार के निर्णय के बाद कुछ कर्मचारियों ने प्रशासन को सूचना देकर अपनी जिम्मेदारियां छोड़ दीं।
डीसी ने कहा कि खाली हुई जिम्मेदारियों को दूसरे अधिकारियों और कर्मचारियों के माध्यम से पूरा किया जाएगा। प्रशासन का प्रयास है कि श्रद्धालुओं की सुविधा और मेला प्रबंधन पर इसका प्रतिकूल असर न पड़े।
अंतिम सोमवारी को लेकर प्रशासन की तैयारी
प्रशासन के मुताबिक इस वर्ष श्रावणी मेला की तीन सोमवारी पूरी हो चुकी हैं और अब अंतिम सोमवारी बाकी है। ऐसे में चौथी सोमवारी के दौरान व्यवस्थाओं को मजबूत रखने के लिए अतिरिक्त प्रयास किए जा रहे हैं। खाली हुए पदों पर जल्द वैकल्पिक अधिकारियों की तैनाती की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था पर पुलिस की अहम भूमिका
मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण में पुलिस बल की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। स्थानीय समाजसेवियों का कहना है कि अधिकारियों के हटने से प्रशासनिक स्तर पर अतिरिक्त दबाव जरूर बढ़ सकता है, लेकिन पुलिस व्यवस्था के कारण सुरक्षा को लेकर बड़ी समस्या की आशंका नहीं है।
स्थानीय लोगों ने भी जरूरत पड़ने पर प्रशासन को सहयोग देने की बात कही है।
अंतिम सोमवारी से पहले प्रशासन के सामने चुनौती
करीब 70 कर्मियों के ड्यूटी से हटने के बाद जिला प्रशासन के सामने उनकी जगह नए अधिकारियों की व्यवस्था करना बड़ी चुनौती है। हालांकि प्रशासन ने भरोसा जताया है कि वैकल्पिक व्यवस्था जल्द तैयार कर ली जाएगी और श्रावणी मेला की अंतिम सोमवारी के दौरान श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
