रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक (पीटी) परीक्षा-2026 के परिणाम को लेकर जारी विवाद के बीच युवा आजसू ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर मेन्स परीक्षा पर फिलहाल रोक लगाने की मांग की है। संगठन ने परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और परिणाम जारी करने के तरीके पर कई सवाल उठाए हैं।
युवा आजसू के प्रदेश संयोजक चेतन प्रकाश के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि आयोग ने अब तक विभिन्न श्रेणियों की कट-ऑफ सूची सार्वजनिक नहीं की है। इसके बावजूद कम समय के भीतर मुख्य परीक्षा आयोजित करने की तैयारी से अभ्यर्थियों में असमंजस और असंतोष की स्थिति बनी हुई है।
संगठन ने मांग की है कि मुख्य परीक्षा को फिलहाल स्थगित किया जाए और प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम की दोबारा समीक्षा कर सभी वर्गों—एसटी, एससी, ओबीसी-1, ओबीसी-2, ईडब्ल्यूएस तथा अनारक्षित—की अलग-अलग कट-ऑफ और आधिकारिक उत्तर कुंजी जारी की जाए।
ज्ञापन में यह भी दावा किया गया है कि अनारक्षित वर्ग की सीटों के मुकाबले अधिक संख्या में अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया है। साथ ही चयन प्रक्रिया और परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी की भूमिका पर भी स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की गई है।
युवा आजसू ने परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया, रिक्त पदों की तुलना में घोषित सफल अभ्यर्थियों की संख्या, सोशल मीडिया पर वायरल ओएमआर शीट, कथित रूप से कुछ अभ्यर्थियों के रोल नंबर सूची में नहीं होने तथा मेन्स परीक्षा के कार्यक्रम जैसे मुद्दों पर भी सवाल उठाए हैं।
संगठन ने राज्यपाल से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और सभी विवादों का समाधान होने तक मुख्य परीक्षा स्थगित रखने की अपील की है। युवा आजसू का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना अभ्यर्थियों के विश्वास के लिए आवश्यक है।
