नई दिल्ली, 24 अक्टूबर 2026। रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स के बहुचर्चित आईपीओ को निवेशकों की ओर से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। रिपोर्ट के मुताबिक, 30,213 करोड़ रुपये का यह इश्यू कुल 22.19 गुना सब्सक्राइब होकर बंद हुआ। अब निवेशकों की नजर शेयर अलॉटमेंट के नतीजों और शेयर बाजार में कंपनी की संभावित लिस्टिंग पर टिकी है।
तीन दिन तक चली बोली प्रक्रिया के दौरान आईपीओ के लिए बड़े पैमाने पर आवेदन किए गए। रिपोर्ट में कुल बोलियों का मूल्य 4.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक बताया गया है।
सभी निवेशक श्रेणियों से मिला अच्छा रिस्पॉन्स
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, जियो प्लेटफॉर्म्स ने करीब 19.75 करोड़ शेयरों की पेशकश की थी, जबकि निवेशकों ने लगभग 421.87 करोड़ शेयरों के लिए आवेदन किया।
निवेशक श्रेणियों के अनुसार सब्सक्रिप्शन का विवरण इस प्रकार बताया गया है:
- संस्थागत निवेशक (QIB): 70.55 गुना
- गैर-संस्थागत निवेशक (NII): 14 गुना
- खुदरा निवेशक (Retail): 2.72 गुना
- कर्मचारी कोटा: 2.93 गुना
- शेयरधारक कोटा: 7.60 गुना
इन आंकड़ों के मुताबिक, संस्थागत निवेशकों की ओर से सबसे अधिक मांग दर्ज की गई।
26 अक्टूबर को आ सकता है अलॉटमेंट रिजल्ट
आईपीओ में आवेदन करने वाले निवेशकों को अब शेयर आवंटन के नतीजों का इंतजार है। रिपोर्ट के अनुसार, अलॉटमेंट की संभावित तारीख 26 अक्टूबर 2026 है।
निवेशक आवंटन की स्थिति जानने के लिए संबंधित स्टॉक एक्सचेंज या आईपीओ के आधिकारिक रजिस्ट्रार की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी देख सकते हैं। अलॉटमेंट की तारीख और प्रक्रिया की पुष्टि आधिकारिक सूचना से करना जरूरी है।
जिन निवेशकों को शेयर आवंटित नहीं होंगे, उन्हें रिफंड और सफल आवेदकों के डीमैट खातों में शेयर क्रेडिट किए जाने की प्रक्रिया निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पूरी की जाएगी।
GMP में तेजी, लेकिन लिस्टिंग की कीमत तय नहीं
रिपोर्ट में जियो प्लेटफॉर्म्स का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) 250 रुपये प्रति शेयर बताया गया है। आईपीओ का ऊपरी प्राइस बैंड 1,119 रुपये प्रति शेयर होने के आधार पर ग्रे मार्केट में अनुमानित कीमत करीब 1,369 रुपये निकाली जा रही है।
हालांकि, GMP अनौपचारिक बाजार का संकेत है और इससे शेयर की वास्तविक लिस्टिंग कीमत या मुनाफे की गारंटी नहीं मिलती। लिस्टिंग के दिन शेयर का भाव बाजार की मांग, निवेशकों की धारणा और अन्य परिस्थितियों के आधार पर अलग हो सकता है।
रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग 28 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित है। इसकी तारीख और समय की पुष्टि आधिकारिक एक्सचेंज सूचना से की जानी चाहिए।
IPO से जुटाई रकम का इस्तेमाल कर्ज चुकाने में
रिपोर्ट के मुताबिक, आईपीओ से जुटाई जाने वाली रकम में से लगभग 27,500 करोड़ रुपये का इस्तेमाल रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड के पुराने कर्ज को चुकाने के लिए किया जाना है।
वहीं, आईपीओ की गतिविधियों के दौरान रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में भी उतार-चढ़ाव की बात सामने आई है। इससे स्पष्ट होता है कि किसी कंपनी के आईपीओ की मांग और उसकी मूल कंपनी के शेयरों का प्रदर्शन अलग-अलग कारकों से प्रभावित हो सकता है।
निवेश से पहले इन बातों का रखें ध्यान
आईपीओ में अधिक सब्सक्रिप्शन या ऊंचा GMP अपने आप में लिस्टिंग पर लाभ की गारंटी नहीं है। निवेश करने से पहले कंपनी के आधिकारिक दस्तावेज, वित्तीय स्थिति, जोखिम और बाजार की परिस्थितियों को समझना जरूरी है।
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