Friday, October 23, 2026

Jharkhand Politics: बाबूलाल मरांडी ने शासन व्यवस्था पर उठाए सवाल, कहा- सत्ता और पद स्थायी नहीं.

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रांची: झारखंड में शासन व्यवस्था और भ्रष्टाचार को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार करने और आम लोगों के बीच सरकार के प्रति भरोसा मजबूत करने की अपील की। मरांडी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ के जरिए सरकार के कामकाज को लेकर कई सवाल उठाए।

जमीन, शराब और पेपर लीक जैसे मामलों का किया जिक्र

बाबूलाल मरांडी ने अपने बयान में जमीन से जुड़े कथित घोटाले, शराब नीति, पत्थर मामले और पेपर लीक जैसे मुद्दों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन मामलों ने शासन व्यवस्था और सरकारी संस्थाओं की विश्वसनीयता को लेकर सवाल खड़े किए हैं। शराब मामले में एसीबी की ओर से अदालत में नीति में बदलाव से संबंधित आरोपों का हवाला देते हुए भी उन्होंने सरकार पर सवाल उठाए।

पत्थर मामले में सीबीआई जांच के आदेश और पेपर लीक प्रकरण का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि संबंधित मामलों में जांच और न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।

अधिकारियों और भ्रष्टाचार पर भी सरकार को घेरा

नेता प्रतिपक्ष ने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री अपने करीबी अधिकारियों और भरोसेमंद लोगों को कथित भ्रष्ट गतिविधियों से रोकने के लिए कदम क्यों नहीं उठा सके। उन्होंने कहा कि सरकार के कार्यकाल में अधिकारियों के कामकाज, संस्थानों की साख और प्रशासन को लेकर जनता के भरोसे से जुड़े कई सवाल सामने आए हैं।

मरांडी ने प्रखंड कार्यालयों, थानों और दूसरे सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार की शिकायतों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। उनके मुताबिक प्रशासनिक व्यवस्था का उद्देश्य आम लोगों को सुविधाएं देना और राज्य के विकास को आगे बढ़ाना होना चाहिए।

प्राकृतिक संसाधनों के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल

बाबूलाल मरांडी ने बालू, पत्थर, कोयला और अन्य खनिज संसाधनों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य के प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग जनता के हित, रोजगार और विकास के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने संसाधनों के दोहन और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं में पारदर्शिता की जरूरत बताई।

लालू और ममता का उदाहरण देते हुए कही सत्ता की बात

मरांडी ने अपने बयान में लालू प्रसाद यादव और ममता बनर्जी के राजनीतिक हालात का उदाहरण देते हुए कहा कि राजनीतिक परिस्थितियां हमेशा एक जैसी नहीं रहतीं। उन्होंने कहा कि सत्ता और पद किसी व्यक्ति या दल के पास हमेशा नहीं रहते।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार में रहते हुए लिए गए फैसलों की सार्वजनिक और राजनीतिक जवाबदेही आगे भी बनी रहती है। इसलिए सत्ता में बैठे लोगों को समय रहते परिस्थितियों और अपने फैसलों के प्रभाव को समझना चाहिए।

सरकार से व्यवस्था सुधारने की अपील

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि अभी भी सरकार के पास व्यवस्था में सुधार करने का अवसर है। उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ कठोर कार्रवाई और प्रशासनिक तंत्र में सुधार की मांग की। उनका कहना था कि जनता का भरोसा किसी भी शासन व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है।

उन्होंने चेतावनी के स्वर में कहा कि यदि समय रहते सुधार नहीं किए गए तो आने वाले समय में सरकार के कार्यकाल का आकलन जनता और इतिहास अपने तरीके से करेगा।

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