28 अक्टूबर 2026 | BHARATSUPERFASTNEWS
Ranchi News: झारखंड हाईकोर्ट में नाबालिग को जेल में रखने के मामले में मुआवजे की मांग से जुड़ी याचिका पर सुनवाई हुई। अदालत के आदेश के बाद राज्य के मुख्य सचिव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश हुए। सुनवाई के दौरान अदालत ने सरकार और सरकारी अधिवक्ताओं के बीच समन्वय की कमी पर चिंता जताई और व्यवस्था में सुधार करने की जरूरत बताई।
सरकार और सरकारी वकीलों के बीच समन्वय पर कोर्ट की टिप्पणी
न्यायमूर्ति रंगन मुखोपाध्याय की अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा कि सरकार की ओर से पेश अधिवक्ता मामले में अपना पक्ष प्रभावी ढंग से नहीं रख पा रहे हैं। अदालत ने सरकार और उसके अधिवक्ताओं के बीच समन्वय की कमी को गंभीरता से लेने की आवश्यकता बताई।
मुख्य सचिव ने अदालत की टिप्पणी पर ध्यान देने और संबंधित व्यवस्था में सुधार करने का आश्वासन दिया।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला रांची के सदर थाना क्षेत्र में छिनतई की घटना से जुड़ा है। याचिकाकर्ता अनीता देवी के अनुसार, उनके 16 वर्षीय पुत्र को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
बाद में जन्म प्रमाणपत्र के आधार पर उसकी उम्र नाबालिग होने की बात सामने आई। इसके बाद निचली अदालत के आदेश पर उसे डुमरदगा स्थित बाल सुधार गृह भेजा गया था।
इस मामले में अनीता देवी ने झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर कर 20 लाख रुपये मुआवजे की मांग की है।
याचिकाकर्ता की ओर से क्या दलील दी गई?
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता वेंकटेश कुमार ने अदालत में पक्ष रखा। उनका कहना था कि सरकार मामले में अपना पक्ष रखने से बच रही है।
सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से मामले को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत नहीं किए जाने को लेकर अदालत ने चिंता जताई। इसी संदर्भ में मुख्य सचिव को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित होने का निर्देश दिया गया था।
3 नवंबर को होगी अगली सुनवाई
मुख्य सचिव के आश्वासन के बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 3 नवंबर 2026 की तारीख निर्धारित की। साथ ही, अगली सुनवाई में मुख्य सचिव को व्यक्तिगत रूप से या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उपस्थित रहने से छूट दे दी गई।
अब अगली सुनवाई में मामले से जुड़े सरकारी पक्ष और मुआवजे की मांग पर आगे की कार्यवाही महत्वपूर्ण होगी।
निष्कर्ष
झारखंड हाईकोर्ट में नाबालिग को जेल भेजे जाने से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने सरकार और सरकारी अधिवक्ताओं के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत बताई। मुख्य सचिव ने सुधार का आश्वासन दिया है। मामले की अगली सुनवाई 3 नवंबर को होगी।
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