Thursday, October 29, 2026

Jharkhand Fire Department: झारखंड को मिलेंगे 118 फीट ऊंचे हाइड्रोलिक दमकल वाहन, 12वीं मंजिल तक बुझा सकेंगे आग

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रांची | 29 अक्टूबर 2026 | BharatSuperFastNews

झारखंड में बहुमंजिला इमारतों में आग लगने की घटनाओं से निपटने के लिए अग्निशमन विभाग को आधुनिक तकनीक से लैस किया जा रहा है। इसी दिशा में दो अत्याधुनिक हाइड्रोलिक दमकल वाहन रांची पहुंच चुके हैं। ये वाहन करीब 118 फीट यानी 36 मीटर की ऊंचाई तक पहुंचकर 12 मंजिल तक की इमारतों में आग बुझाने में मदद कर सकते हैं।

फिलहाल दोनों वाहनों की तकनीकी जांच और ट्रायल किया जा रहा है। परीक्षण पूरा होने के बाद इन्हें अग्निशमन विभाग के बेड़े में शामिल करने की तैयारी है।

118 फीट ऊंचाई तक पहुंचेगा हाइड्रोलिक बूम

इन विशेष वाहनों को तकनीकी रूप से आर्टिकुलेटिंग वाटर टावर (AWT) कहा जाता है। ये भारत बेंज चेसिस पर आधारित हैं और श्विंग स्टेटर तथा टीसीएस द्वारा निर्मित बताए गए हैं।

इनमें चार सेक्शन वाला फोल्डिंग हाइड्रोलिक बूम लगा है, जो सामान्य सीढ़ी वाली दमकल गाड़ियों से अलग है। इसका बूम ‘Z’ आकार में मुड़ सकता है, जिससे इमारत के आसपास पेड़, बिजली के तार या दूसरी बाधाएं होने पर भी आग प्रभावित हिस्से तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।

वाहन की अधिकतम ऊंचाई तक पहुंच करीब 36 मीटर और क्षैतिज पहुंच लगभग 31 मीटर बताई गई है। यह 360 डिग्री तक घूमकर अलग-अलग दिशाओं में पानी या फोम का छिड़काव कर सकता है।

रिमोट कंट्रोल से होगा संचालन

इन आधुनिक दमकल वाहनों की एक प्रमुख खासियत रिमोट कंट्रोल से संचालन की सुविधा है। दमकलकर्मी सुरक्षित दूरी पर रहकर वायरलेस रिमोट के माध्यम से हाइड्रोलिक बूम और उसके नोजल को नियंत्रित कर सकेंगे।

इस तकनीक से ऊंची इमारतों में आग लगने पर दमकलकर्मियों को आग और धुएं के बेहद करीब जाने की जरूरत कम हो सकती है। इससे जोखिम भरी परिस्थितियों में राहत और बचाव कार्य को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।

6 दिसंबर को हरी झंडी दिखाए जाने की संभावना

विभागीय परीक्षण और तकनीकी जांच पूरी होने के बाद इन दोनों वाहनों को औपचारिक रूप से सेवा में शामिल करने की योजना है। खबर के अनुसार, 6 दिसंबर को गृह रक्षा वाहिनी के स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इन्हें हरी झंडी दिखा सकते हैं।

हालांकि, वाहनों को आधिकारिक रूप से अग्निशमन विभाग के बेड़े में शामिल करने से पहले संबंधित प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

3,000 लीटर क्षमता वाले 40 और दमकल वाहन भी होंगे शामिल

दो हाइड्रोलिक वाटर टावर वाहनों के अलावा राज्य में 40 अन्य आधुनिक दमकल वाहनों को भी शामिल करने की तैयारी है। ये वाहन पहले ही रांची पहुंच चुके हैं और धुर्वा स्थित प्रशिक्षण केंद्र परिसर में रखे गए हैं।

प्रत्येक वाहन में करीब 3,000 लीटर पानी ले जाने की क्षमता बताई गई है। इनका उपयोग संकरी गलियों और भीड़भाड़ वाले शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में आग बुझाने के लिए किया जा सकेगा।

योजना के अनुसार, इन 40 वाहनों को भी विभिन्न फायर स्टेशनों पर भेजा जाएगा। सभी 42 वाहनों के बेड़े में शामिल होने से झारखंड के अग्निशमन तंत्र की क्षमता बढ़ने और आपात स्थितियों में तेजी से कार्रवाई करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

झारखंड में अग्निशमन व्यवस्था को मिलेगा तकनीकी सहारा

आधुनिक हाइड्रोलिक वाटर टावर और नए दमकल वाहनों की तैनाती से ऊंची इमारतों, घनी आबादी वाले इलाकों तथा कठिन पहुंच वाले स्थानों पर आग बुझाने की क्षमता में सुधार हो सकता है। हालांकि, इनकी वास्तविक उपयोगिता तकनीकी परीक्षण, कर्मचारियों के प्रशिक्षण और समय पर तैनाती पर भी निर्भर करेगी।

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