Jamui Viral Video Case: बिहार के जमुई में नाबालिग छात्र-छात्रा के साथ कथित बदसलूकी का वीडियो सामने आने के बाद मामला राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया है। पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई शुरू की है और कई आरोपितों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है। इसी बीच बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने घटना को लेकर राज्य सरकार और केंद्र के नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं।
तेजस्वी यादव ने कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल
तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए जमुई की घटना को लेकर बिहार सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने अपने बयान में राज्य में महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और सरकार पर कार्रवाई के बावजूद ऐसी घटनाओं को रोकने में विफल रहने का आरोप लगाया।
उन्होंने बिहार की मौजूदा स्थिति को लेकर सरकार की कार्यशैली पर भी निशाना साधा। अपने राजनीतिक बयान में तेजस्वी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी संबोधित करते हुए कई सवाल उठाए।
पीएम मोदी पर भी साधा निशाना
तेजस्वी यादव ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी हमला बोला। उन्होंने महिलाओं को लेकर केंद्र की ओर से किए गए राजनीतिक वादों का जिक्र करते हुए जमुई जैसी घटना पर प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया पर सवाल खड़ा किया।
तेजस्वी का यह बयान राजनीतिक प्रतिक्रिया के तौर पर सामने आया है। उनके आरोपों को विपक्ष की सरकार पर राजनीतिक आलोचना के रूप में देखा जा रहा है।
जमुई मामले में पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
पुलिस के अनुसार घटना 19 सितंबर की बताई जा रही है। वायरल वीडियो सामने आने के बाद पीड़ित नाबालिगों से संपर्क किया गया और उनके बयान के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई। रिपोर्टों के मुताबिक मामले में तीन आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि अन्य आरोपितों की भूमिका की जांच जारी है। मामले में पॉक्सो एक्ट समेत संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है।
राज्य महिला आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया है और कार्रवाई को लेकर जानकारी मांगी है।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
जमुई की घटना सामने आने के बाद बिहार में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप बढ़ गया है। विपक्ष कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार को घेर रहा है, जबकि प्रशासन की ओर से मामले में कानूनी कार्रवाई किए जाने की जानकारी दी गई है।
इस पूरे मामले में नाबालिगों की पहचान और निजता की सुरक्षा को लेकर भी विशेष सावधानी बरतना जरूरी है। पुलिस जांच पूरी होने और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही आरोपों पर अंतिम कानूनी निष्कर्ष सामने आएगा।
