रांची | 31 अक्टूबर 2026 | Bharat Superfast News
झारखंड में करीब एक दशक के लंबे इंतजार के बाद झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (J-TET) 2026 आयोजित होने जा रही है। इस परीक्षा में राज्यभर के लगभग 5.60 लाख अभ्यर्थियों के शामिल होने की जानकारी है। परीक्षा के लिए कुल 986 केंद्र तैयार किए गए हैं। इतने बड़े स्तर पर परीक्षा के आयोजन को देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने परीक्षार्थियों, अभिभावकों और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े लोगों से विशेष अपील की है।
मुख्यमंत्री ने परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और कदाचार मुक्त वातावरण में संपन्न कराने के लिए सभी से सहयोग करने का आग्रह किया है। उनकी यह अपील सोशल मीडिया के साथ-साथ समाचार पत्रों में भी प्रकाशित की गई है।
करीब 10 साल बाद हो रही है J-TET परीक्षा
झारखंड में लंबे अंतराल के बाद शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित होने जा रही है। इस परीक्षा से बड़ी संख्या में ऐसे अभ्यर्थियों की उम्मीदें जुड़ी हैं, जो शिक्षक बनने की दिशा में पात्रता हासिल करना चाहते हैं।
परीक्षा में लगभग 5.60 लाख अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है। इसके लिए राज्यभर में 986 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इतने बड़े पैमाने पर परीक्षा आयोजित करना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने की विशेष अपील
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपनी अपील में परीक्षा से जुड़े सभी पक्षों से जिम्मेदारी और अनुशासन के साथ काम करने को कहा है। उन्होंने परीक्षार्थियों, उनके अभिभावकों, शिक्षकों और परीक्षा कार्य में लगे कर्मचारियों से सहयोग की अपेक्षा जताई है।
मुख्यमंत्री का जोर है कि परीक्षा के दौरान शांति और व्यवस्था बनी रहे तथा किसी भी तरह की अनुचित गतिविधि की गुंजाइश न हो। सभी अभ्यर्थियों को निष्पक्ष अवसर मिलना परीक्षा आयोजन का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।
परीक्षा की पारदर्शिता सरकार के लिए भी चुनौती
पिछले कुछ वर्षों में झारखंड की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर प्रश्नपत्र लीक और अनियमितताओं के आरोप सामने आते रहे हैं। वहीं, पूर्व में जारी कई परीक्षा और नियुक्ति विज्ञापनों को रद्द किए जाने के फैसले भी चर्चा में रहे हैं। इन फैसलों को अदालत में चुनौती दिए जाने की बात भी सामने आई है।
ऐसे माहौल में J-TET का निष्पक्ष और पारदर्शी आयोजन महत्वपूर्ण माना जा रहा है। परीक्षा में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की भागीदारी को देखते हुए प्रशासनिक व्यवस्था, सुरक्षा और निगरानी पर विशेष ध्यान देना होगा।
अभ्यर्थियों और अभिभावकों से सहयोग की अपेक्षा
मुख्यमंत्री ने परीक्षार्थियों और अभिभावकों से परीक्षा के दौरान अनुशासन बनाए रखने की अपील की है। वहीं, शिक्षकों और परीक्षा कार्य से जुड़े कर्मचारियों से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी ईमानदारी से करने का आग्रह किया गया है।
करीब एक दशक बाद आयोजित हो रही इस परीक्षा में लाखों अभ्यर्थियों की उम्मीदें जुड़ी हैं। ऐसे में परीक्षा केंद्रों पर उचित व्यवस्था और सभी के सहयोग से ही आयोजन को सुचारु बनाया जा सकेगा।
अब परीक्षा के निष्पक्ष आयोजन पर रहेगी नजर
J-TET 2026 केवल अभ्यर्थियों के लिए ही नहीं, बल्कि राज्य की परीक्षा व्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण अवसर है। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि 5.60 लाख अभ्यर्थियों और 986 केंद्रों वाली यह परीक्षा कितनी शांतिपूर्ण, पारदर्शी और कदाचार मुक्त तरीके से संपन्न होती है।
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