रांची: देश के कई हिस्सों में मौसमी इन्फ्लूएंजा ए (H1N1) यानी स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ने के बीच इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। मानसून के दौरान संक्रमण बढ़ने की स्थिति को देखते हुए जारी सलाह में खास तौर पर एंटीबायोटिक्स के अनावश्यक इस्तेमाल से बचने पर जोर दिया गया है।
बताया गया है कि दिल्ली में लैब से पुष्टि किए गए H1N1 संक्रमण के मामले 1,770 से अधिक हो चुके हैं। इसके अलावा महाराष्ट्र, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल समेत कुछ अन्य राज्यों में भी नए मामले सामने आने की जानकारी है।
वायरल संक्रमण में एंटीबायोटिक का नहीं होता सीधा फायदा
IMA के मुताबिक H1N1 एक वायरल बीमारी है, इसलिए सामान्य स्थिति में एंटीबायोटिक्स इस वायरस के खिलाफ प्रभावी नहीं होतीं। डॉक्टरों की सलाह के बिना एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन करने से एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) की समस्या बढ़ सकती है।
एसोसिएशन ने लोगों को खुद से एंटीबायोटिक्स शुरू न करने की सलाह दी है। यदि संक्रमण के साथ बैक्टीरियल इंफेक्शन की पुष्टि होती है, तभी चिकित्सकीय सलाह के अनुसार ऐसी दवाओं का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। वहीं, H1N1 के इलाज में इस्तेमाल होने वाली एंटीवायरल दवाएं भी डॉक्टर की निगरानी में ही लेने की सलाह दी गई है।
संक्रमण से बचाव के लिए इन बातों का रखें ध्यान
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने फ्लू से बचने के लिए रोजमर्रा की कुछ सावधानियां अपनाने को कहा है।
- हाथों को करीब 20 सेकंड तक साबुन से अच्छी तरह धोएं।
- खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढकें।
- भीड़भाड़ वाली जगहों पर जरूरत के अनुसार मास्क का इस्तेमाल करें।
- बीमार होने पर दूसरों के संपर्क में आने से बचें और घर पर आराम करें।
- गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, स्वास्थ्यकर्मियों और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को वार्षिक फ्लू वैक्सीन के संबंध में डॉक्टर से सलाह लेने की अपील की गई है।
गंभीर लक्षण दिखें तो तुरंत लें चिकित्सकीय मदद
IMA ने कुछ ऐसे लक्षणों को लेकर भी सतर्क रहने की सलाह दी है, जिनमें तत्काल चिकित्सा सहायता की जरूरत पड़ सकती है। सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, होंठ या उंगलियों का नीला पड़ना और असामान्य रूप से अधिक सुस्ती जैसे संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
बच्चों में यदि दूध या भोजन लेने में परेशानी हो या उनकी हालत तेजी से बिगड़ती दिखे, तो उन्हें जल्द से जल्द डॉक्टर या नजदीकी अस्पताल में दिखाने की सलाह दी गई है।
