Tuesday, October 6, 2026

GST काउंसिल की बैठक की नई तारीख तय, 8 अक्टूबर को दिल्ली में होगा बड़ा मंथन.

Share

नई दिल्ली: 57वीं GST काउंसिल की बैठक की तारीख एक बार फिर बदल गई है। अब यह बैठक 8 अक्टूबर 2026 को सुबह 11 बजे नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होगी। पहले बैठक 7 अक्टूबर को प्रस्तावित थी। GST काउंसिल सचिवालय के कार्यालय ज्ञापन के मुताबिक, जरूरी प्रशासनिक कारणों के चलते तारीख में बदलाव किया गया है।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में केंद्र के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्री एवं प्रतिनिधि शामिल होंगे।

दूसरी बार टली बैठक

57वीं GST काउंसिल की बैठक पहले 12 सितंबर को प्रस्तावित थी। दिल्ली में BRICS शिखर सम्मेलन के कारण इसे आगे बढ़ाकर 7 अक्टूबर किया गया था। अब एक बार फिर तारीख बदलकर 8 अक्टूबर कर दी गई है।

इस वजह से व्यापार जगत की नजर अब इस बैठक पर टिकी है, क्योंकि इसमें GST व्यवस्था को आसान बनाने से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा होने की संभावना है।

GST 2.0 पर हो सकता है फोकस

बैठक में GST सुधारों के अगले चरण यानी ‘GST 2.0’ को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हो सकती है। सरकार की ओर से टैक्स व्यवस्था को अधिक सरल, पारदर्शी और कारोबार के अनुकूल बनाने पर जोर दिए जाने की उम्मीद है।

फोकस केवल टैक्स दरों में बदलाव तक सीमित रहने के बजाय रजिस्ट्रेशन, रिटर्न, रिफंड और अनुपालन जैसी प्रक्रियाओं को आसान बनाने पर भी हो सकता है।

छोटे कारोबारियों और ई-कॉमर्स सेक्टर को राहत की उम्मीद

बैठक में छोटे और मध्यम कारोबारियों के लिए GST अनुपालन को सरल बनाने से जुड़े प्रस्तावों पर विचार हो सकता है। GST रजिस्ट्रेशन, रिटर्न दाखिल करने और रिफंड की प्रक्रिया को अधिक डिजिटल और तेज बनाने की दिशा में फैसले की संभावना है।

ई-कॉमर्स के जरिए कारोबार करने वाले सप्लायर्स के लिए भी नियमों को सुविधाजनक बनाने पर चर्चा हो सकती है। इससे कारोबारियों के समय और अनुपालन लागत को कम करने का प्रयास किया जा सकता है।

गिरफ्तारी के नियमों में बदलाव पर चर्चा संभव

GST से जुड़े मामलों में गिरफ्तारी और आपराधिक कार्रवाई के प्रावधान भी बैठक के महत्वपूर्ण मुद्दों में शामिल हो सकते हैं।

कानून समिति की सिफारिशों के आधार पर जानबूझकर की गई गंभीर टैक्स चोरी और तकनीकी या अनजाने में हुई गलती के बीच स्पष्ट अंतर करने का प्रस्ताव सामने आ सकता है। बिना न्यायिक मंजूरी गिरफ्तारी की मौजूदा व्यवस्था में बदलाव को लेकर भी चर्चा संभावित है।

क्रिमिनल केस की सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव

छोटे कारोबारियों को आपराधिक मुकदमों से राहत देने के उद्देश्य से टैक्स संबंधी मामलों में अभियोजन की मौद्रिक सीमा बढ़ाने पर भी विचार हो सकता है।

प्रस्ताव के मुताबिक यह सीमा 1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये किए जाने की संभावना है। हालांकि, अंतिम फैसला GST काउंसिल की बैठक में चर्चा और सहमति के बाद ही स्पष्ट होगा।

ITC को लेकर भी अहम प्रस्ताव

इनपुट टैक्स क्रेडिट यानी ITC से जुड़े नियमों में सुधार पर भी बैठक में चर्चा हो सकती है। खासतौर पर ऐसी स्थिति में खरीदारों को राहत देने का मुद्दा उठ सकता है, जब सप्लायर की गलती के कारण उनका ITC प्रभावित हो जाता है।

इसके अलावा इंट्रा-ग्रुप ITC ट्रांसफर और कर्मचारियों के बीमा प्रीमियम पर ITC के दावे से जुड़े प्रस्तावों पर भी विचार होने की संभावना है।

अब कारोबारियों, टैक्स विशेषज्ञों और उद्योग जगत की निगाहें 8 अक्टूबर की बैठक पर हैं। बैठक के बाद यह स्पष्ट होगा कि प्रस्तावित सुधारों में किन मुद्दों को मंजूरी मिलती है और GST व्यवस्था में आगे क्या बदलाव किए जाते हैं।

BHARATSUPERFASTNEWS

Read more

Local News