Tuesday, November 3, 2026

Google Play का नया फीचर: बिना कोडिंग के बनाएं अपना पर्सनल ऐप, Play Store पर पब्लिश करना जरूरी नहीं.

Share

Google Play का नया फीचर: बिना कोडिंग के बनाएं अपना पर्सनल ऐप, Play Store पर पब्लिश करना जरूरी नहीं

नई दिल्ली, 14 अक्टूबर 2026: गूगल ने एंड्रॉयड यूजर्स के लिए ऐप बनाने की प्रक्रिया को आसान बनाने की दिशा में नई सुविधा का ऐलान किया है। अब यूजर्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से अपनी जरूरत के अनुसार पर्सनल ऐप बना सकेंगे और उन्हें सार्वजनिक रूप से Google Play Store पर पब्लिश किए बिना अपने एंड्रॉयड फोन पर चला सकेंगे। इस सुविधा से उन लोगों को फायदा मिल सकता है, जो बिना ज्यादा तकनीकी जानकारी के अपने इस्तेमाल के लिए ऐप बनाना चाहते हैं।

बिना कोडिंग के तैयार कर सकेंगे अपना ऐप

आजकल AI टूल्स की मदद से ऐप बनाने के तरीके को वाइब-कोडिंग कहा जाता है। इसमें यूजर अपनी जरूरत को सामान्य भाषा में बताकर AI की सहायता से ऐप तैयार कर सकता है। पहले ऐसे ऐप को एंड्रॉयड डिवाइस पर इस्तेमाल करने के लिए अतिरिक्त तकनीकी प्रक्रियाओं की जरूरत पड़ सकती थी।

गूगल की नई सुविधा के तहत यूजर्स Google AI Studio की मदद से ऐप तैयार कर सकेंगे और उसे सीधे अपने एंड्रॉयड डिवाइस पर चला सकेंगे। इसके लिए ऐप को सार्वजनिक रूप से Play Store पर लिस्ट कराना जरूरी नहीं होगा।

पर्सनल ऐप रहेगा निजी

गूगल के मुताबिक, शुरुआत में यह सुविधा अमेरिका में 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र के यूजर्स के लिए उपलब्ध कराई जाएगी। निजी इस्तेमाल के लिए बनाए गए ऐप को सार्वजनिक Play Store लिस्टिंग में शामिल करने की जरूरत नहीं होगी।

इससे यूजर्स अपनी व्यक्तिगत जरूरतों के हिसाब से छोटे और उपयोगी ऐप बना सकेंगे। हालांकि, निजी ऐप होने का अर्थ यह नहीं है कि सुरक्षा संबंधी सावधानियों की जरूरत नहीं रहेगी। यूजर्स को ऐप की अनुमतियों, डेटा के इस्तेमाल और उसमें दी गई जानकारी की सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए।

परिवार और दोस्तों के साथ भी कर सकेंगे शेयर

गूगल की योजना आने वाले महीनों में पर्सनल ऐप को परिवार के सदस्यों और भरोसेमंद दोस्तों के छोटे समूहों के साथ साझा करने की सुविधा देने की भी है। इससे किसी खास उद्देश्य के लिए तैयार ऐप को सीमित लोगों के बीच इस्तेमाल किया जा सकेगा।

उदाहरण के तौर पर, किसी बच्चों की खेल लीग, परिवार के कार्यक्रम या छोटे समूह की गतिविधियों के लिए बनाया गया ऐप निजी तौर पर साझा किया जा सकता है।

यदि कोई ऐप आगे चलकर लोकप्रिय हो जाता है, तो उसे सार्वजनिक रूप से Play Store पर प्रकाशित करने का विकल्प भी रहेगा। इसके लिए जरूरी ट्रस्ट और सेफ्टी समीक्षा की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

Google Play में AI आधारित गेम फाइंडर

गूगल ने गेमिंग अनुभव को बेहतर बनाने के लिए भी नए बदलावों की जानकारी दी है। कंपनी गेम फाइंडर नाम का फीचर लाने की तैयारी में है, जो यूजर्स की पसंद और गेमिंग समुदाय से जुड़े डेटा के आधार पर उनके लिए उपयुक्त गेम सुझाएगा।

इस सुविधा की शुरुआत अमेरिका में अंग्रेजी भाषा के यूजर्स से किए जाने की जानकारी दी गई है। इसके अलावा, यूजर्स को अपनी गेम लिस्ट बनाने, कम्युनिटी पोस्ट्स में सवाल पूछने और 48 घंटे की गेमिंग चुनौतियों में भाग लेने जैसे विकल्प भी मिल सकते हैं।

Ask Play से ऐप्स की तुलना करना होगा आसान

Google Play का AI असिस्टेंट Ask Play भी अधिक उपयोगी बनाया जा रहा है। इसके जरिए यूजर्स अलग-अलग ऐप्स की तुलना करने और अपनी जरूरत के अनुसार विकल्प समझने में मदद ले सकेंगे। Google Play पर ऐप्स और गेम्स से संबंधित जानकारी के साथ Gemini के संवादात्मक अनुभव को भी बेहतर बनाने की योजना है।

बच्चों की उम्र से जुड़ी जानकारी में बदलाव

गूगल ने अभिभावकों और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े एक बदलाव का भी उल्लेख किया है। इसके तहत डेवलपर्स के साथ बच्चे की सटीक उम्र साझा करने के बजाय उम्र का एक निर्धारित दायरा साझा करने का विकल्प दिया जा सकता है। इससे उम्र के अनुरूप डिजिटल अनुभव उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।

यूजर्स के लिए क्या बदलेगा?

गूगल की इस पहल से ऐप बनाने की प्रक्रिया आम लोगों के लिए अधिक सुलभ हो सकती है। अब व्यक्तिगत जरूरतों के लिए छोटे ऐप तैयार करने वाले यूजर्स को हर बार सार्वजनिक ऐप स्टोर पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

हालांकि, नई सुविधा की शुरुआती उपलब्धता सीमित रहने की बात कही गई है। भारत में इसे कब शुरू किया जाएगा, इसकी जानकारी उपलब्ध विवरण में नहीं दी गई है।

BHARATSUPERFASTNEWS

Table of contents [hide]

Read more

Local News