नई दिल्ली: लगातार दो कारोबारी सत्रों में कमजोरी के बाद गुरुवार, 20 अगस्त को सोने और चांदी की कीमतों में फिर तेजी देखने को मिली। घरेलू वायदा बाजार के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दोनों कीमती धातुओं में मजबूती रही। डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी को इस तेजी की प्रमुख वजहों में गिना जा रहा है।
MCX पर सोना-चांदी महंगे
भारतीय वायदा बाजार में सुबह के कारोबार के दौरान सोने की कीमत करीब ₹700 बढ़कर ₹1,58,703 प्रति 10 ग्राम पहुंच गई। वहीं, चांदी में करीब ₹3,453 की तेजी दर्ज हुई और इसका भाव लगभग ₹2,40,240 प्रति किलोग्राम रहा।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी तेजी का माहौल रहा। सोना 4,546 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंच गया, जबकि चांदी की कीमत 67 डॉलर प्रति औंस से ऊपर कारोबार करती नजर आई।
डॉलर और बॉन्ड यील्ड में गिरावट का असर
बाजार में सोने की कीमतों को सहारा मिलने की एक बड़ी वजह अमेरिकी वित्तीय बाजार से जुड़े घटनाक्रम को माना जा रहा है। अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और बॉन्ड यील्ड में गिरावट के बीच निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने की ओर बढ़ा है।
आमतौर पर डॉलर और बॉन्ड यील्ड में कमजोरी सोने के लिए सकारात्मक माहौल बना सकती है। इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में पीली धातु मजबूत स्तरों पर पहुंची है।
प्रमुख शहरों में सोने की कीमत
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के आधार पर अलग-अलग शहरों में 22 कैरेट और 24 कैरेट सोने की कीमतों में अंतर देखा जा सकता है। स्थानीय बाजार में अंतिम कीमत पर GST, मेकिंग चार्ज और ज्वैलर के अन्य शुल्क का भी असर पड़ता है।
इसलिए आभूषण खरीदने से पहले अपने शहर के स्थानीय ज्वैलर से मौजूदा बिक्री मूल्य की पुष्टि करना बेहतर है।
आगे कैसा रह सकता है सोने का रुख?
आने वाले दिनों में सोने और चांदी की दिशा पर अमेरिकी मौद्रिक नीति से जुड़े संकेतों का असर महत्वपूर्ण हो सकता है। फेडरल रिजर्व की नीतिगत टिप्पणियों से ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदें स्पष्ट हो सकती हैं।
अगर ब्याज दरों में कटौती की संभावना मजबूत होती है, तो सोने को आगे भी समर्थन मिल सकता है। दूसरी ओर, महंगाई, कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों में बदलाव से कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।
खरीदारी या निवेश से पहले रखें ध्यान
सोने को लंबे समय से महंगाई और आर्थिक अनिश्चितता के दौर में एक वैकल्पिक सुरक्षित संपत्ति माना जाता है। हालांकि, कमोडिटी और वायदा बाजार में कीमतें तेजी से बदल सकती हैं। इसलिए केवल एक दिन की तेजी देखकर निवेश का फैसला लेने के बजाय बाजार की स्थिति, निवेश अवधि और जोखिम क्षमता को ध्यान में रखना जरूरी है।
डिस्क्लेमर: सोने-चांदी की कीमतें लगातार बदलती रहती हैं। ऊपर दिए गए भाव उपलब्ध बाजार आंकड़ों पर आधारित हैं। निवेश करने से पहले स्वतंत्र रूप से ताजा कीमत और संबंधित शुल्क की जांच करें। यह लेख निवेश सलाह नहीं है।
