नई दिल्ली: गुरुवार को घरेलू सर्राफा और वायदा बाजार में सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में हल्की मजबूती दिखाने के बाद सोने के भाव फिसल गए। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी डॉलर में मजबूती और अमेरिकी केंद्रीय बैंक (फेडरल रिजर्व) के सतर्क रुख का असर सोने की कीमतों पर देखने को मिला।
एमसीएक्स पर सोने का ताजा भाव
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अगस्त डिलीवरी वाला सोना करीब ₹181 की गिरावट के साथ ₹1,41,600 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र में यह ₹1,41,781 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।
वहीं, अक्टूबर डिलीवरी वाले गोल्ड फ्यूचर्स में भी कमजोरी रही। यह अनुबंध करीब ₹252 टूटकर ₹1,43,031 प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार करता दिखा।
वैश्विक बाजार का असर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की चाल सुस्त रही। कॉमेक्स (COMEX) पर गोल्ड फ्यूचर्स में हल्की गिरावट दर्ज की गई और कीमतें लगभग 4,031.70 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गईं।
विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद अमेरिकी डॉलर की मजबूती ने सोने की कीमतों पर दबाव बनाए रखा है। आमतौर पर डॉलर मजबूत होने पर सोना निवेशकों के लिए अपेक्षाकृत महंगा हो जाता है, जिससे इसकी मांग प्रभावित होती है।
फेडरल रिजर्व के फैसले का प्रभाव
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को फिलहाल स्थिर रखने और भविष्य की मौद्रिक नीति को लेकर सतर्क रुख अपनाने से निवेशकों का रुझान प्रभावित हुआ है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आने वाले समय में अमेरिकी ब्याज दरों में बढ़ोतरी होती है, तो डॉलर को और मजबूती मिल सकती है। ऐसे परिदृश्य में सोने समेत अन्य कमोडिटी और उभरते बाजारों की परिसंपत्तियों पर दबाव बढ़ने की संभावना बनी रह सकती है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में सोने की कीमतों की दिशा अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों, डॉलर इंडेक्स, वैश्विक घटनाक्रम और फेडरल रिजर्व की अगली नीति से तय होगी। ऐसे में निवेशकों और खरीदारों को बाजार के रुझानों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।
