Sunday, June 14, 2026

EPFO के केंद्रीय न्यासी बोर्ड ने मार्च में, वित्त वर्ष 2025-26 के लिए EPF जमा राशि पर सालाना 8.25% ब्याज दर की सिफारिश की थी.

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नई दिल्ली: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के करोड़ों सदस्य वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए ब्याज राशि का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. ईपीएफओ के केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) ने बीते मार्च महीने में, वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए EPF जमा राशि पर सालाना 8.25% ब्याज दर की सिफारिश की थी. श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के आधिकारिक बयान के मुताबिक, CBT ने सिफारिश की थी कि ब्याज को सदस्यों के EPF खाते में जमा किया जाए. हालांकि, इस सिफारिश के दो महीने बाद भी, सदस्यों को खाते में सालाना ब्याज राशि जमा होने का इंतजार है.

प्रक्रिया के अनुसार, सीबीटी के प्रस्ताव को मंजूरी के लिए वित्त मंत्रालय को भेजा जाता है. वित्त मंत्रालय की मंजूरी मिलने के बाद सिफारिश को आधिकारिक रूप से अधिसूचित कर दिया जाता है. इसके बाद ही ब्याज की रकम खाते में क्रेडिट की जाती है. चूंकि इस प्रक्रिया में कई चरण होते हैं, इसलिए राशि जमा करने की कोई तय तारीख नहीं है. आम तौर पर जून-जुलाई में ब्याज राशि ईपीएफ खाते में जमा होती है.

पिछली टाइमलाइन के आधार पर यह अनुमान लगाया जा सकता है कि EPF खाताधारकों को बहुत जल्द वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए ब्याज राशि खाते में दिखने लगेगी. पिछले साल की बात करें तो EPFO के सदस्यों के खातों में जून और जुलाई में ब्याज जमा हुआ था. लेकिन ब्याज आम तौर पर तभी खाते में जमा होता है जब सरकार CBT द्वारा सिफारिश की गई ब्याज दर को औपचारिक रूप से अनुमोदित और अधिसूचित कर देती है.

EPF स्कीम, 1952 के पैराग्राफ 60 के तहत, ब्याज मासिक रनिंग बैलेंस पर कैलकुलेट किया जाता है और सालाना चक्रवृद्धि ब्याज होता है.

ETF (एक्सचेंज ट्रेडेड फंड) और दूसरे निवेश से मिले अच्छे रिटर्न की वजह से EPFO ​​पिछले कई वर्षों से 8% से ज्यादा ब्याज दर दे रहा है, जो EPFO ​​के इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो की मजबूत क्रेडिट प्रोफाइल और अपने मेंबर्स को अच्छा रिटर्न देने की उसकी लगातार क्षमता को दिखाता है.

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