Friday, October 23, 2026

DL बनवाने से पहले जान लें प्रस्तावित बदलाव, दस्तावेजों से लेकर ऑनलाइन टेस्ट तक नए नियम.

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Driving License News | BHARATSUPERFASTNEWS

अगर आप नया ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने या मौजूदा लाइसेंस में नाम, पता अथवा मोबाइल नंबर बदलवाने की तैयारी कर रहे हैं, तो इससे जुड़े प्रस्तावित बदलावों की जानकारी आपके काम आ सकती है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने मोटर व्हीकल रूल्स में संशोधन के लिए एक ड्राफ्ट जारी किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इसका उद्देश्य दस्तावेजों की जांच को बेहतर बनाना, फर्जीवाड़े पर रोक लगाना और ऑनलाइन सेवाओं को अधिक पारदर्शी बनाना है।

प्रस्ताव में उम्र, पते और पहचान के प्रमाण के साथ ड्राइविंग लाइसेंस पर दर्ज होने वाली जानकारी तथा ऑनलाइन सेफ-ड्राइविंग ट्यूटोरियल से जुड़े बदलाव शामिल हैं। हालांकि, ड्राफ्ट में दिए गए प्रावधानों को अंतिम नियम मानने से पहले मंत्रालय की आधिकारिक अधिसूचना और लागू होने की तारीख की पुष्टि करना जरूरी है।

1. उम्र और पते के प्रमाण के लिए किन दस्तावेजों का होगा इस्तेमाल?

प्रस्तावित बदलावों में उम्र और पते के प्रमाण के लिए स्वीकार किए जाने वाले दस्तावेजों की सूची में संशोधन की बात कही गई है। रिपोर्ट के अनुसार, नोटरी या मजिस्ट्रेट के सामने बनाया गया शपथ पत्र (एफिडेविट) उम्र और पते के प्रमाण के रूप में स्वीकार नहीं किए जाने का प्रस्ताव है। इसी तरह, जीवन बीमा पॉलिसी को भी मान्य दस्तावेजों की सूची से हटाने की बात बताई गई है।

प्रस्ताव में बताए गए दस्तावेजों में शामिल हैं:

पते के प्रमाण के लिए

  • आधार कार्ड
  • मतदाता पहचान पत्र (EPIC)
  • ई-राशन कार्ड
  • पिछले तीन महीनों का बिजली या गैस बिल
  • विदेशी नागरिकों के लिए भारत में कानूनी रूप से रहने का प्रमाण

उम्र के प्रमाण के लिए

  • पासपोर्ट
  • स्कूल बोर्ड की मार्कशीट
  • जन्म प्रमाण पत्र
  • सरकार द्वारा जारी पहचान पत्र

पहचान के प्रमाण के लिए

  • आधार कार्ड
  • पासपोर्ट
  • ई-राशन कार्ड
  • पैन कार्ड

ध्यान रखें कि यह सूची मूल रिपोर्ट में बताए गए प्रस्तावित प्रावधानों पर आधारित है। आवेदन करने से पहले संबंधित परिवहन विभाग या आधिकारिक पोर्टल पर दस्तावेजों की मौजूदा सूची जरूर जांचें।

2. ड्राइविंग लाइसेंस पर दर्ज हो सकती हैं अतिरिक्त जानकारियां

प्रस्तावित संशोधनों के तहत ड्राइविंग लाइसेंस पर धारक की राष्ट्रीयता स्पष्ट रूप से दर्ज करने की व्यवस्था की बात कही गई है। रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय और विदेशी नागरिकों के लाइसेंस के लिए अलग-अलग रंगों की व्यवस्था भी प्रस्तावित है, जिससे उनकी पहचान करना आसान हो सके।

इसके अतिरिक्त, लाइसेंस पर ब्लड ग्रुप, मोबाइल नंबर और आपातकालीन संपर्क नंबर दर्ज करने से जुड़े प्रावधानों का भी उल्लेख किया गया है।

इन बदलावों का उद्देश्य जरूरत पड़ने पर लाइसेंस धारक की पहचान और आपातकालीन संपर्क से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराना बताया गया है। हालांकि, इन विवरणों में से कौन-सी जानकारी अनिवार्य होगी, इसकी पुष्टि अंतिम अधिसूचना से की जानी चाहिए।

3. ऑनलाइन सेफ-ड्राइविंग टेस्ट में बढ़ सकता है पासिंग मार्क्स

रिपोर्ट के मुताबिक, ऑनलाइन सेफ-ड्राइविंग ट्यूटोरियल असेसमेंट के नियमों में भी बदलाव प्रस्तावित हैं। इसमें पास होने के लिए जरूरी न्यूनतम अंक 60 प्रतिशत से बढ़ाकर 75 प्रतिशत करने और ट्यूटोरियल की अवधि कम से कम 30 मिनट रखने की बात कही गई है।

यदि ये प्रावधान अंतिम नियमों में शामिल होते हैं, तो आवेदकों को ऑनलाइन असेसमेंट से पहले यातायात नियमों और सुरक्षित ड्राइविंग से जुड़ी जानकारी का अधिक ध्यान से अध्ययन करना होगा।

फिलहाल, आवेदन से पहले यह जांचना जरूरी है कि संबंधित राज्य में कौन-सी परीक्षा प्रक्रिया लागू है और प्रस्तावित बदलाव प्रभावी हुए हैं या नहीं।

4. आधार ऑथेंटिकेशन से लाइसेंस में बदलाव कराने पर फीस में राहत?

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि आधार ऑथेंटिकेशन के जरिए ऑनलाइन आवेदन करके लाइसेंस में नाम, पता या मोबाइल नंबर जैसी जानकारी बदलवाने पर शुल्क नहीं लेने का प्रस्ताव है।

इसके साथ ही, ऑनलाइन आवेदनों के निपटारे के लिए अधिकारियों को 15 दिनों की समय-सीमा देने की बात कही गई है। पते में बदलाव से संबंधित आवेदन यदि 30 दिनों के भीतर तय नहीं होता है, तो उसे स्वतः स्वीकृत मानने का प्रावधान भी रिपोर्ट में बताया गया है।

हालांकि, फीस में छूट, आवेदन निपटाने की समय-सीमा और स्वतः स्वीकृति जैसे महत्वपूर्ण प्रावधानों को लागू नियम मानने से पहले आधिकारिक अधिसूचना देखना जरूरी है। आवेदकों को यह भी जांचना चाहिए कि ये सुविधाएं सभी प्रकार के लाइसेंस और सभी राज्यों में समान रूप से लागू होंगी या नहीं।

5. आवेदन करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने या उसमें सुधार कराने से पहले कुछ जरूरी बातों की जांच कर लेने से आवेदन में देरी की आशंका कम हो सकती है।

  • आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेजों की नवीनतम सूची देखें।
  • दस्तावेजों में नाम, जन्मतिथि और पते की जानकारी का मिलान कर लें।
  • ऑनलाइन आवेदन करते समय सभी विवरण सावधानी से भरें।
  • सेफ-ड्राइविंग ट्यूटोरियल और टेस्ट से संबंधित लागू निर्देश पढ़ें।
  • फीस और आवेदन की समय-सीमा की जानकारी आधिकारिक परिवहन पोर्टल से लें।
  • प्रस्तावित नियमों के बजाय वर्तमान में लागू नियमों के अनुसार ही आवेदन करें।

क्या अभी से लागू हो गए हैं नए नियम?

मूल रिपोर्ट के अनुसार, मंत्रालय ने मोटर व्हीकल रूल्स में संशोधन के लिए ड्राफ्ट जारी किया है। इसलिए इसमें बताए गए सभी बदलावों को बिना आधिकारिक पुष्टि के लागू नियम मानना सही नहीं होगा। किसी ड्राफ्ट के अंतिम नियम बनने और प्रभावी होने की प्रक्रिया में अधिसूचना तथा लागू होने की तारीख महत्वपूर्ण होती है।

यदि आप जल्द ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने जा रहे हैं, तो आवेदन से पहले सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय या अपने राज्य के परिवहन विभाग की आधिकारिक जानकारी जरूर देखें। इससे आपको पता चल सकेगा कि दस्तावेजों, ऑनलाइन टेस्ट, फीस और आवेदन निपटाने की समय-सीमा से जुड़े कौन-से नियम वास्तव में लागू हैं।

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