रांची, 15 अक्टूबर 2026: झारखंड पुलिस एसोसिएशन के नाम से डीजीपी तदाशा मिश्रा को पद से हटाने की मांग वाला कथित पत्र सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। पुलिस एसोसिएशन के महासचिव संजीव कुमार सिंह ने पत्र को फर्जी बताते हुए कहा कि संगठन ने डीजीपी को हटाने की कोई मांग नहीं की है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग संगठन की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
सोशल मीडिया पर प्रसारित पत्र को बताया फर्जी
संजीव कुमार सिंह ने कहा कि सोशल मीडिया पर पुलिस एसोसिएशन के नाम से प्रसारित पत्र पर किसी का हस्ताक्षर नहीं है। उनके मुताबिक, संगठन की ओर से ऐसा कोई पत्र जारी नहीं किया गया है और न ही डीजीपी को पद से हटाने की मांग की गई है।
उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग में डीजीपी की भूमिका अभिभावक जैसी होती है और सरकार ने उन्हें इस पद पर नियुक्त किया है। ऐसे में एसोसिएशन की ओर से उन्हें हटाने की मांग किए जाने का दावा गलत है।
साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराने की तैयारी
महासचिव ने बताया कि एसोसिएशन इस मामले को गंभीरता से ले रहा है। संगठन जल्द ही साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराकर मामले की जांच की मांग करेगा। शिकायत के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि कथित पत्र किसने तैयार किया और उसे सोशल मीडिया पर किसने प्रसारित किया।
उन्होंने यह भी कहा कि पूरे घटनाक्रम की जांच के लिए कमेटी गठित करने पर विचार किया जा रहा है, ताकि मामले से जुड़े तथ्यों का पता लगाया जा सके।
मुख्य सचिव को लेकर भी अफवाह फैलाने का आरोप
संजीव कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि कभी डीजीपी तो कभी मुख्य सचिव को हटाने की मांग के नाम पर संगठन को विवादों में घसीटने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने दोहराया कि पुलिस एसोसिएशन का मुख्य उद्देश्य पुलिसकर्मियों की समस्याओं और उनके हितों से जुड़े मुद्दों को उठाना है।
उन्होंने कहा कि संगठन के नाम का इस्तेमाल कर कथित फर्जी पत्र प्रसारित करना गंभीर मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि संबंधित लोगों की पहचान हो सके।
फिलहाल, कथित पत्र की प्रामाणिकता और इसे प्रसारित करने वालों की पहचान को लेकर पुलिस एसोसिएशन की ओर से जांच की मांग की तैयारी की जा रही है। मामले में पुलिस या साइबर थाने की आधिकारिक प्रतिक्रिया की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
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