देवघर: श्रावणी मेले में इस वर्ष श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए जिला प्रशासन ने आधुनिक तकनीक का सहारा लिया है। मेले के विभिन्न हिस्सों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित कैमरे लगाए गए हैं, जो पूरे आयोजन पर चौबीसों घंटे नजर रख रहे हैं।
प्रशासन ने दुम्मा प्रवेश द्वार सहित प्रमुख चौक-चौराहों और महत्वपूर्ण स्थानों पर स्मार्ट कैमरों की स्थापना की है। इन कैमरों के माध्यम से मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या का स्वतः आकलन किया जा रहा है। दुम्मा गेट पर तैनात कर्मियों के अनुसार, कैमरे प्रति घंटे श्रद्धालुओं की संख्या का डेटा तैयार कर कंट्रोल रूम तक पहुंचाते हैं, जिससे भीड़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा सके।
भीड़ प्रबंधन और चिकित्सा सहायता पर विशेष फोकस
श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए दुम्मा प्रवेश द्वार से लेकर कांवरिया पथ और बाबा बैद्यनाथ मंदिर परिसर तक प्रशासनिक अधिकारियों और दंडाधिकारियों की तैनाती की गई है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मार्ग पर निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके। जरूरत पड़ने पर श्रद्धालुओं को मौके पर ही प्राथमिक उपचार और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी दी जा रही हैं।
संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत मिलेगा अलर्ट
मेले की सुरक्षा को मजबूत बनाने के उद्देश्य से AI तकनीक का उपयोग संदिग्ध गतिविधियों की पहचान के लिए भी किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यदि कैमरों की निगरानी में कोई संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि सामने आती है, तो सिस्टम तुरंत संबंधित सुरक्षा कर्मियों को अलर्ट भेजेगा। इससे समय रहते आवश्यक कार्रवाई कर मेले की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
तकनीक के जरिए सुरक्षित और व्यवस्थित आयोजन का प्रयास
प्रशासन का मानना है कि AI आधारित निगरानी प्रणाली से भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा प्रबंधन और आपातकालीन प्रतिक्रिया में तेजी आएगी। आधुनिक तकनीक के उपयोग से श्रावणी मेले को अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं.
