चीन की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्टार्टअप कंपनी डीपसीक अपनी अगली बड़ी एआई मॉडल DeepSeek V4 को पूरी तरह हुवावे के लेटेस्ट चिप्स पर चलाने की तैयारी में है. अमेरिका की न्यूज़ वेबसाइट द इंफोर्मेशन की एक लेटेस्ट रिपोर्ट के मुताबिक, यह फैसला अमेरिकी की सैंक्शन्स के बीच चीन की घरेलू टेक्नोलॉजी पर निर्भरता बढ़ाने का साफ संकेत हैं.
रिपोर्ट में पांच सोर्स के हवाले से बताया गया है कि अलीबाबा ग्रुप, बाइटडांस और टेनसेंट होल्डिंग्स जैसी बड़ी कंपनियों ने हुवावे के आने वाले चिप्स के सैकड़ों हजार यूनिट्स के बड़े ऑर्डर दिए गए हैं. ये ऑर्डर खासतौर पर वी-4 मॉडल के लॉन्च की तैयारी के लिए हैं. उम्मीद है कि यह नया मॉडल कुछ हफ्तों में मार्केट में उपलब्ध हो जाएगा.
डीपसीक ने पिछले कुछ महीनों से हुवावे टेक्नोलॉजीज और दूसरे चीनी चिप डिजाइनर कैम्ब्रिकॉन टेक्नोलॉजीज के साथ मिलकर काम किया. दोनों कंपनियों की मदद से मॉडल के अंडरलाइंग कोड को फिर से लिखा गया और टेस्टिंग भी की गई ताकि चीनी चिप्स पर अच्छा परफॉर्मेंस मिल सके. कंपनी V4 के दो और वेरिएंट्स पर भी काम कर रही है जो अलग-अलग क्षमताओं के लिए बनाए जा रहे हैं और इन्हें भी घरेलू चिप्स पर ऑप्टिमाइज किया जाएगा.
V3 और R1 मॉडल्स ने मचाई थी हलचल
पिछले साल डीपसीक के कम लागत वाले V3 और R1 मॉडल्स ने पूरी दुनिया में हलचल मचा दी थी. इन मॉडल्स की वजह से ग्लोबल टेक शेयर्स में भारी गिरावट आई क्योंकि निवेशकों को लगा कि अमेरिकी कंपनियां एआई कंप्यूटिंग पर इतना भारी खर्च क्यों कर रही हैं. अब सभी की नज़र V4 पर है. इससे पहले फरवरी में रायटर्स ने रिपोर्ट की थी कि डीपसीक ने अपने आने वाले फ्लैगशिप मॉडल को Nvidia समेत अमेरिका की चिपमेकर्स को दिखाने से इंकार कर दिया. इसके बजाय डीपसीक ने घरेलू सप्लायर्स को पहले एक्सेस दिया.
यह पूरा डेवलपमेंट अमेरिका-चीन के बीच चल रही टेक्नोलॉजी जंग का एक हिस्सा लग रही है. अमेरिकी बैन्स के कारण चीन को एडवांस्ड चिप्स आसानी से नहीं मिल पा रहे, लेकिन कंपनियां अब अपनी स्वतंत्र क्षमता बढ़ाने पर जोर दे रही है. हुवावे के चिप्स पर V4 जैसे पावरफुल मॉडल का चलना चीन की एआई सेल्फ-रिलायंस यानी एआई के लिए आत्म-निर्भरता वाले प्लान को एक नई मजबूती दे सकता है.
हालांकि, हुवावे और डीपसीक ने इस ख़बर के बारे में अभी तक आधिकारिक तौर पर कोई बयान नहीं दिया है. अगर V4 सफल रहा तो यह साबित करेगा कि सैंक्शंस के बावजूद चीनी कंपनियां काफी तेजी से आगे बढ़ सकती है.


