पटना | 13 अक्टूबर 2026: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम में 101 आवेदकों की शिकायतें सुनीं। इस दौरान राजस्व एवं भूमि सुधार, शिक्षा, गृह, स्वास्थ्य, ग्रामीण कार्य, समाज कल्याण, नगर विकास एवं आवास और ऊर्जा विभाग से जुड़े मामले सामने आए। मुख्यमंत्री ने संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों और विभागीय अधिकारियों को शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी भवनों, अस्पतालों, विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों और सड़कों की मरम्मत तथा रखरखाव से जुड़े कार्यों को भी प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आम लोगों की समस्याओं का समाधान संवेदनशीलता और तत्परता के साथ किया जाए।
101 आवेदकों की शिकायतें सुनीं, विभागों को दिए निर्देश
राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम में अलग-अलग जिलों से आए लोगों ने मुख्यमंत्री के सामने अपनी समस्याएं रखीं। शिकायतों में कई सरकारी विभागों से जुड़े मामले शामिल थे।
मुख्यमंत्री ने संबंधित जिलाधिकारियों और विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक आवेदन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए और तय समय सीमा के भीतर समस्या का समाधान किया जाए।
कार्यक्रम में संबंधित अधिकारियों ने आवेदकों की शिकायतों पर कार्रवाई करने और उनका समाधान सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।
31 मार्च 2027 तक ग्रामीण क्षेत्रों के काम पूरे करने का निर्देश
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में जरूरी सुविधाओं को बेहतर बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सरकारी भवनों, अस्पतालों, विद्यालय भवनों, आंगनबाड़ी केंद्रों, स्वास्थ्य संस्थानों और छूटे हुए टोलों की सड़कों की मरम्मत तथा रखरखाव से जुड़े कार्य 31 मार्च 2027 से पहले पूरे कराए जाएं।
उन्होंने साफ-सफाई और सार्वजनिक सुविधाओं के रखरखाव पर भी विशेष ध्यान देने को कहा, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
स्कूलों में रंग-रोगन, शौचालय और पेयजल पर जोर
मुख्यमंत्री ने विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। इसमें स्कूल भवनों की मरम्मत, रंग-रोगन, चहारदीवारी, शौचालय, पेयजल और बिजली की व्यवस्था शामिल है।
उन्होंने अधिकारियों से जरूरत के अनुसार अतिरिक्त कक्षाओं का निर्माण कराने और जिन विद्यालयों के पास अपना भवन नहीं है, वहां भवन निर्माण की प्रक्रिया तेज करने को कहा।
आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण कार्यों में भी तेजी लाने का निर्देश दिया गया। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करना है।
शिकायतों के समयबद्ध समाधान से जनता का भरोसा बढ़ाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सहयोग कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों की समस्याओं को सुनना और उनका पारदर्शी, निष्पक्ष तथा समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है।
उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा कि आवेदनों के निष्पादन में पूरी जिम्मेदारी निभाएं। मुख्यमंत्री के अनुसार, संवेदनशीलता और तत्परता के साथ शिकायतों का समाधान करना प्रशासन का दायित्व है।
उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि सहयोग कार्यक्रम के प्रति आम लोगों का भरोसा बनाए रखा जाए और शिकायतों पर कार्रवाई में अनावश्यक देरी न हो।
कार्यक्रम में मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम में संबंधित विभागों के मंत्री, बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक प्रीता वर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह और संजय कुमार सिंह समेत विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
इसके अलावा संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और सचिव भी कार्यक्रम में शामिल हुए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न जिलों के जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक और अन्य अधिकारी जुड़े।
बिहार सरकार का फोकस: शिकायतों का समाधान और बुनियादी सुविधाओं में सुधार
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सहयोग कार्यक्रम के दौरान जन शिकायतों के निपटारे के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया। अधिकारियों को शिकायतों का समय पर समाधान करने और 31 मार्च 2027 से पहले निर्धारित मरम्मत एवं रखरखाव के कार्य पूरे कराने का निर्देश दिया गया।
अब संबंधित विभागों और जिलों में इन निर्देशों के तहत होने वाली कार्रवाई पर नजर रहेगी।
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