नीतीश सरकार ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है. मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत हर इच्छुक महिला को पहले चरण में 10 हजार रुपये दिए जाएंगे.
बिहार सरकार ने महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और उन्हें रोजगार से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना शुरू की है. इसके लिए मार्गदर्शिका जारी कर दी गई है.
ग्रामीण और शहरी महिलाओं के लिए अलग-अलग नियम बनाए गए हैं. ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं ऑफलाइन आवेदन करेंगी, जबकि शहरी महिलाओं के लिए ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया जा रहा है.
योजना की शुरुआत और उद्देश्य
29 अगस्त को हुई कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस योजना को मंजूरी दी थी. सरकार का उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ना और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है. योजना के पहले चरण में महिलाओं को 10 हजार रुपये दिए जाएंगे. इसके बाद छह महीने में उनके काम का आकलन कर दो लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी.
आवेदन से पहले ये शर्तें जरूरी
मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी हिमांशु शर्मा के मुताबिक, योजना का लाभ उन्हीं महिलाओं को मिलेगा जो जीविका से जुड़ी होंगी. आवेदिका की उम्र 18 से 60 साल होनी चाहिए. पति या आवेदिका आयकर दाता की श्रेणी में नहीं होने चाहिए. अविवाहित महिलाएं भी इसका लाभ ले सकती हैं, बशर्ते माता-पिता जीवित न हों.
ग्रामीण और शहरी महिलाओं के लिए अलग नियम
ग्रामीण महिलाओं को अपने संकुल स्तरीय संघ में आवेदन करना होगा. ग्राम संगठन की विशेष बैठक में आवेदन लिए जाएंगे और फिर प्रखंड परियोजना इकाई के माध्यम से इन्हें पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा. जांच पूरी होने के बाद राशि सीधे लाभुक के आधार से जुड़े बैंक खाते में भेजी जाएगी. शहरी महिलाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा होगी, जिसके लिए विशेष पोर्टल बनाया जा रहा है.
किन कार्यों के लिए मिलेगा पैसा
योजना के तहत महिलाओं को स्वरोजगार शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी. इसमें फल और सब्जी की दुकान, डेयरी, किराना स्टोर, कपड़ा या फुटवियर की दुकान, मोबाइल रिपेयरिंग, फोटोकॉपी-स्टेशनरी, ब्यूटी पार्लर, ई-रिक्शा, बकरी व मुर्गी पालन जैसे काम शामिल हैं.


