रांची: झारखंड में आंखों की बीमारी से ग्रस्त मरीजों को क्षेत्रीय नेत्र संस्थान के रूप में बड़ी सौगात मिली है. रिम्स परिसर स्थित रीजनल आई इंस्टीट्यूट का विधिवत शुभारंभ राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने किया. इस संस्थान का करीब छह महीने पहले ही पूर्व निदेशक डॉ. राजकुमार ने साधारण तरीके से उद्घाटन कर मरीजों का इलाज शुरू करा दिया था. डॉ. राजकुमार के इस्तीफे और रिम्स के नए कार्यकारी निदेशक डॉ. डीके सिन्हा की नियुक्ति के बाद आज भव्य तरीके से रीजनल आई इंस्टीट्यूट का विधिवत उद्घाटन विभागीय मंत्री ने किया.
- रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) परिसर में अत्याधुनिक क्षेत्रीय नेत्र संस्थान (Regional Eye Institute) का उद्घाटन करने के बाद मीडिया से बात करते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि वह रिम्स को लगातार बेहतर बनाने का प्रयास कर रहे हैं. अब आंखों से जुड़ी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों को दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा. मोतियाबिंद, रेटिना सहित आंखों की विभिन्न जटिल बीमारियों का इलाज और ऑपरेशन अब इसी संस्थान में हाईटेक सुविधाओं के साथ उपलब्ध होगा.
- स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने आगे कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य झारखंडवासियों को अपने ही राज्य में बेहतर और आधुनिकतम स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है. उन्होंने कहा कि अब तक आंखों की गंभीर बीमारी के इलाज के लिए मरीजों को दूसरे राज्यों के अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता था, लेकिन क्षेत्रीय नेत्र संस्थान शुरू होने के बाद झारखंड के मरीजों को अत्याधुनिक इलाज यहीं उपलब्ध होगा. उन्होंने विश्वास जताया कि यह संस्थान राज्य के स्वास्थ्य ढांचे को नई मजबूती देगा.
- इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री के साथ मौजूद कांके विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक और रिम्स शासी परिषद के सदस्य सुरेश बैठा ने कहा कि क्षेत्रीय नेत्र संस्थान के शुरू होने से राज्य के हजारों मरीजों को सीधा लाभ मिलेगा और उन्हें बेहतर इलाज के लिए बाहर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी.

- वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर द्वारा अपना सुरक्षा गार्ड और कारकेड में शामिल गाड़ियां लौटा दिए जाने को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि हर क्षेत्र की जनता को यह उम्मीद रहती है कि उनका जनप्रतिनिधि सुरक्षित रहे. राधाकृष्ण किशोर नक्सल प्रभावित क्षेत्र से आते हैं, इसलिए उन्होंने जरूरी समझ कारकेड बढ़ाने की मांग की होगी.
इसके आगे डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि अच्छा होता कि कल कैबिनेट की मीटिंग थी और वह अपनी बात सीएम से कहते. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जब सबकी चिंता करते हैं, विधि व्यवस्था पर जीरो टॉलरेंस की नीति पर चलते हैं तो वित्त मंत्री की बात को वह जरूर सुनते.



