रांची, 16 अक्टूबर 2026: केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने औद्योगिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए नया प्रशासनिक कमांड ढांचा लागू किया है। 15 अक्टूबर 2026 से प्रभावी इस बदलाव के तहत कोयला सेक्टर की 22 इकाइयों की जिम्मेदारी CISF के पूर्वी खंड, रांची के महानिरीक्षक प्रबोध चंद्रा को सौंपी गई है।
नए ढांचे में कोयला, इस्पात और बिजली क्षेत्र की इकाइयों का प्रशासनिक नियंत्रण अलग-अलग जोन के तहत निर्धारित किया गया है। इसका उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था में बेहतर समन्वय, क्षेत्रीय अधिकारियों को अधिक प्रशासनिक अधिकार और जरूरत के अनुसार त्वरित निर्णय लेने की व्यवस्था विकसित करना है।
कोयला सेक्टर की 22 इकाइयां रांची के अधीन
CISF मुख्यालय, दिल्ली के आदेश के अनुसार, कोयला सेक्टर की कुल 22 इकाइयां रांची के महानिरीक्षक के नियंत्रण में रहेंगी। इनमें बीसीसीएल धनबाद, सीसीएल करगली, मगध-आम्रपाली, एसईसीएल बिलासपुर, ईसीएल शीतलपुर, एनसीएल सिंगरौली और नेवेली सहित अन्य औद्योगिक इकाइयां शामिल हैं।
इस बदलाव के बाद झारखंड और अन्य क्षेत्रों में स्थित कोयला प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था के समन्वय में रांची मुख्यालय की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। खदानों, उत्पादन क्षेत्रों और रेलवे साइडिंग की सुरक्षा के साथ-साथ संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी भी प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल है।
स्टील और पावर सेक्टर के लिए अलग व्यवस्था
नए कमांड ढांचे के तहत स्टील सेक्टर की 27 इकाइयों को सेंट्रल सेक्टर, भिलाई के अधीन रखा गया है। बोकारो, भिलाई, राउरकेला, दुर्गापुर, बर्नपुर और सलेम जैसे औद्योगिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा की जिम्मेदारी महानिरीक्षक पीयूष पांडेय को सौंपी गई है।
वहीं, बिजली क्षेत्र की करीब 54 इकाइयां नॉर्थ ईस्ट सेक्टर जोन-1, कोलकाता के अधीन रहेंगी। इनमें चंद्रपुरा, बोकारो थर्मल, ललपनिया, कोडरमा, पतरातू और बक्सर जैसे प्रतिष्ठान शामिल हैं। इन इकाइयों की कमान महानिरीक्षक ए.के. मोहनका के पास रहेगी।
रांची के DIG सुमंत सिंह ने खदान क्षेत्रों का दौरा किया
नए कमांड ढांचे के लागू होने के बीच CISF के उप महानिरीक्षक (DIG) सुमंत सिंह ने गुरुवार को एनके-पिपरवार और मगध-आम्रपाली क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया और बल की तैनाती, वाहनों, आधारभूत सुविधाओं तथा अन्य जरूरी संसाधनों की स्थिति की समीक्षा की।
मगध-आम्रपाली क्षेत्र में DIG ने सीसीएल मगध के महाप्रबंधक राजीव रंजन से मुलाकात की। बैठक में सुरक्षा संबंधी समस्याओं, आगामी तैनाती की तैयारियों और लंबित आवश्यकताओं पर चर्चा हुई। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने और समस्याओं का जल्द समाधान करने पर जोर दिया।
रेलवे साइडिंग और जवानों की सुविधाओं का निरीक्षण
एनके-पिपरवार पहुंचने पर DIG सुमंत सिंह को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद उन्होंने CISF की सी-कंपनी परिसर में पौधरोपण किया। उन्होंने बैरक, सीसीएल रेलवे साइडिंग और खदान क्षेत्रों का निरीक्षण कर सुरक्षा इंतजामों तथा जवानों को उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली।
दौरे के दौरान खदानों से रेलवे साइडिंग तक सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के लिए CISF और सीसीएल प्रबंधन के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया गया।
इस अवसर पर एनके-पिपरवार क्षेत्र के कमांडेंट अमित कुमार, उप कमांडेंट दिनेश कुमार और मगध-आम्रपाली इकाई के सहायक कमांडेंट सुभाष कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
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