आजकल एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई के बारे में बच्चा-बच्चा जानता है, लेकिन आज से करीब साढ़े तीन साल पहले जब अमेरिका की एक एआई कंपनी OpenAI ने एक लार्ज लैंग्वेज मॉडल यानी ChatGPT लॉन्च किया था तब एआई के बारे में शायद ही कोई जानता था. हालांकि, अब पिछले साढ़े तीन सालों में एआई की दुनिया पूरी तरह बदल चुकी है.
अब दुनियाभर के करोड़ों लोग रोज इन टूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन एआई कंपनियों के बीच का कंप्टीशन भी पहले से काफी बढ़ चुका है. एनालिटिक्स फर्म सेंसर टॉवर की हाल ही में आई स्टेट ऑफ एआई रिपोर्ट 2026 के मुताबिक, ओपनएआई का चैटजीपीटी अभी भी सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला एआई असिस्टेंट है, लेकिन पहली बार इसका मार्केट शेयर 50 प्रतिशत से नीचे आ गया है. इसका कारण Google Gemini, एंथ्रोपिक का Claude और एक्सएआई के Grok जैसे एआई असिस्टेंट्स की तेज़ी से बढ़ती जा रही लोकप्रियता है.
चैटजीपीटी की बादशाहत को मिली चुनौती
रिपोर्ट के अनुसार चैटजीपीटी सबसे तेजी से एक अरब मंथली यूज़र्स तक पहुंचने वाला ऐप बन गया है और फिलहाल इसके मंथली यूज़र्स की संख्या 1.1 अरब से भी ज्यादा है. इसके बाद Gemini के 66.2 करोड़ और क्लॉड के 24.5 करोड़ यूज़र्स हैं. जनवरी तक चैटजीपीटी का मार्केट शेयर 50% से ऊपर था, लेकिन मई के अंत तक में यह घटकर 46.4% पर आ गया, जबकि जेमिनी का शेयर 27.7% और क्लॉड का 10.3% तक पहुंच गया है.
Grok, Perplexity, DeepSeek और MetaAI जैसे बाकी असिस्टेंट्स का मार्केट शेयर अभी भी 5% से कम है. रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि यूज़र्स अब एक असिस्टेंट से दूसरे पर शिफ्ट होने में पहले से ज्यादा सहज हो गए हैं. पहले ज्यादातर लोग सिर्फ चैटजीपीटी पर ही भरोसा करते थे, लेकिन अब हालात बदल रहे हैं और लोग बाकी एआई मॉडल्स पर भी भरोसा करने लगे हैं.
खासतौर पर फरवरी 2026 में ओपनएआई की अमेरिकी डिफेंस डिपार्टमेंट के साथ हुई डील के बाद चैटजीपीटी ऐप को अनइंस्टॉल करने वाले आंकड़े में अचानक उछाल देखा गया था, जिससे साफ हो गया था कि यूज़र्स के लिए ब्रांड की साख और वैल्यूज़ भी फीचर्स जितने ही महत्वपूर्ण हैं.
उधर जेमिनी की ग्रोथ गूगल के बड़े इकोसिस्टम से जुड़ने के कारण हैं, वहीं क्लॉड प्रोडक्टिविटी टास्क्स के लिए मजबूत पहचान बन चुका है और यूज़र रिटेंशन के मामले में चैटजीपीटी के करीब पहुंच रहा है.
कमाई और शॉपिंग में भी बदल रही तस्वीर
साल 2026 की पहली छमाही में दुनियाभर में लगभग 2.3 अरब एआई ऐप्स डाउनलोड होने का अनुमान है, जिन पर खर्च 4.2 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है, जो पिछले साल की पहली छमाही की तुलना में कहीं ज्यादा है, क्योंकि पिछले साल इस टाइम पीरियड में ऐप डाउनलोड्स की संख्या 1.83 अरब डॉलर थी.
इंडस्ट्री का फोकस अब सिर्फ ग्रोथ से हटकर कमाई की तरफ शिफ्ट हो रहा है. एंथ्रॉपिक के लिए एक खास बात यह है कि उसके 13% यूज़र्स पेड सब्सक्रिप्शन ले रहे हैं, जो इंडस्ट्री में सबसे ज्यादा कन्वर्जन रेट है.
एशिया में डाउनलोड नंबर्स में पहली बार गिरावट दर्ज हुई है, जिसका सबसे ज्यादा असर चीन और भारत में देखने को मिला है. वहीं, खर्च के मामले में अमेरिका और यूरोप अभी भी आगे हैं.
दूसरी ओर, चैटजीपीटी ने फरवरी से ऐप में विज्ञापन दिखाना शुरू किया है और मई तक करीब 17 प्रतिशत डेली यूज़र्स को विज्ञापन दिखाए जा रहे थे. इसके अलावा शॉपिंग इंटीग्रेशन के चलते चैटजीपीटी अब टारगेट, वॉलमार्ट और कॉस्टको जैसे रिटेलर्स को रेफरल ट्रैफिक भेज रहा है, जबकि अमेजन ने इसके क्रॉलर्स को ब्लॉक कर रखा है.


