ChatGPT के एक नए Mac फीचर को लेकर चर्चा तेज है, जो यूजर की अनुमति मिलने के बाद Apple Messages के साथ काम कर सकता है। इससे डेटा एक्सेस और प्राइवेसी को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।
नई दिल्ली: OpenAI के ChatGPT में Apple Messages से जुड़ा एक नया फीचर चर्चा में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Mac पर उपलब्ध यह सुविधा यूजर की अनुमति मिलने के बाद Messages से जुड़ी कुछ गतिविधियों को ChatGPT के जरिए करने में सक्षम हो सकती है। इस खबर ने Apple की प्राइवेसी व्यवस्था और AI टूल्स की डेटा पहुंच को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह सुविधा ChatGPT के Mac डेस्कटॉप अनुभव से जुड़ी है। संभावित रूप से इसका इस्तेमाल Messages में मौजूद बातचीत को देखने, नई जानकारी तैयार करने और कुछ मैसेजिंग कार्यों में सहायता लेने के लिए किया जा सकता है। हालांकि, इसका इस्तेमाल अपने आप नहीं होता और Mac पर यूजर की ओर से कई तरह की अनुमतियां जरूरी होती हैं।
कैसे काम करता है यह फीचर?
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, यह सिस्टम Mac के पहले से मौजूद ऑटोमेशन और Accessibility फीचर्स का इस्तेमाल करता है। यानी यह किसी सुरक्षा व्यवस्था को तोड़कर Messages तक पहुंच हासिल करने के बजाय ऑपरेटिंग सिस्टम द्वारा उपलब्ध कराए गए अधिकारों के आधार पर काम करता है।
यूजर को फीचर इस्तेमाल करने से पहले संबंधित ChatGPT सेशन शुरू करना होता है। इसके बाद macOS अलग-अलग स्तर पर परमिशन मांग सकता है। इनमें Messages से संबंधित डेटा तक पहुंच, Contacts, Automation और अन्य सिस्टम अनुमतियां शामिल हो सकती हैं।
इसका मतलब यह है कि यूजर की अनुमति के बिना यह सुविधा सामान्य तौर पर सक्रिय नहीं हो जाती।
प्राइवेसी पर क्यों हो रही है चर्चा?
Apple लंबे समय से अपने प्लेटफॉर्म की सुरक्षा और यूजर प्राइवेसी को प्रमुख विशेषता के तौर पर पेश करता रहा है। ऐसे में जब किसी AI असिस्टेंट को Messages जैसी निजी बातचीत से जुड़े कार्यों की अनुमति मिलती है, तो डेटा सुरक्षा को लेकर स्वाभाविक रूप से सवाल उठते हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यूजर द्वारा अनुमति दिए जाने के बाद कौन-सा डेटा किस स्तर तक एक्सेस किया जा सकता है और उसका इस्तेमाल किस तरह होता है। इस विषय में यूजर्स को अपने Mac की Privacy & Security settings और ChatGPT की संबंधित permissions को ध्यान से देखना चाहिए।
यह भी महत्वपूर्ण है कि किसी फीचर को सिस्टम परमिशन मिलना अपने आप में यह साबित नहीं करता कि Apple की सुरक्षा व्यवस्था को तोड़ा गया है। दोनों चीजों में अंतर समझना जरूरी है।
Apple और OpenAI के बीच संबंधों के बीच आया मामला
यह मुद्दा ऐसे समय में सामने आया है जब Apple और OpenAI के बीच कारोबारी और कानूनी स्तर पर भी कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। इसलिए Messages जैसे संवेदनशील प्लेटफॉर्म से जुड़े किसी भी AI फीचर पर तकनीकी विशेषज्ञों और यूजर्स की नजर स्वाभाविक रूप से बनी हुई है।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह स्पष्ट नहीं है कि इस खास फीचर को Apple और OpenAI ने संयुक्त रूप से विकसित किया है या यह Mac की मौजूदा क्षमताओं का इस्तेमाल करने वाला स्वतंत्र ChatGPT फीचर है।
पहले भी iMessage को लेकर Apple सख्त रहा है
Apple का iMessage इकोसिस्टम बाहरी सेवाओं के लिए काफी नियंत्रित माना जाता है। अतीत में ऐसे थर्ड-पार्टी प्रयासों को लेकर भी कंपनी ने कड़े कदम उठाए हैं, जिनसे बाहरी प्लेटफॉर्म से iMessage सुविधाओं का इस्तेमाल संभव हो रहा था।
उदाहरण के तौर पर Beeper Mini ने Android डिवाइसों पर iMessage से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराने की कोशिश की थी। Apple ने सुरक्षा और यूजर डेटा से जुड़े जोखिमों का हवाला देते हुए इसके खिलाफ कार्रवाई की थी।
यूजर्स को क्या ध्यान रखना चाहिए?
अगर Mac पर कोई AI टूल Messages या दूसरे निजी डेटा से जुड़ी अनुमति मांगता है, तो उसे बिना समझे Allow करना उचित नहीं है। यूजर को पहले यह देखना चाहिए कि कौन-सी permission मांगी जा रही है, उसका इस्तेमाल किस काम के लिए होगा और जरूरत खत्म होने पर उसे वापस बंद किया जा सकता है या नहीं।
निष्कर्ष: ChatGPT और Apple Messages से जुड़ी यह सुविधा AI असिस्टेंट्स की बढ़ती क्षमताओं को दिखाती है, लेकिन साथ ही यह सवाल भी महत्वपूर्ण बनाती है कि सुविधा और निजी डेटा की सुरक्षा के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए। फिलहाल इस मामले में सबसे अहम बात यह है कि ऐसी क्षमताएं यूजर की दी गई सिस्टम अनुमतियों पर निर्भर करती हैं और इन्हें इस्तेमाल करने से पहले Privacy settings को समझना जरूरी है।
