Tuesday, August 18, 2026

CAG रिपोर्ट: रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं की कमी पर सवाल, बजट का बड़ा हिस्सा नहीं हुआ खर्च.

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नई दिल्ली: भारतीय रेलवे के स्टेशनों पर यात्रियों को मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं को लेकर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की ऑडिट रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण कमियां सामने आई हैं। रिपोर्ट के अनुसार, देशभर में जांचे गए बड़ी संख्या में रेलवे स्टेशनों पर पीने के पानी, स्वच्छता, बैठने की व्यवस्था और अन्य यात्री सुविधाओं की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई।

रिपोर्ट की एक अहम बात यह है कि यात्री सुविधाओं के लिए बजट उपलब्ध होने के बावजूद उसका पूरा उपयोग नहीं किया गया। वर्ष 2019 से 2024 के बीच इस मद में निर्धारित राशि का करीब 36 से 44 प्रतिशत हिस्सा खर्च नहीं हो सका।

512 स्टेशनों की हुई जांच

CAG और रेलवे अधिकारियों की टीम ने कुल 512 रेलवे स्टेशनों का निरीक्षण किया। इनमें से 458 स्टेशनों पर न्यूनतम यात्री सुविधाओं में कमी पाई गई। जांच के दायरे में नई दिल्ली, मुंबई का छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) और हावड़ा जैसे प्रमुख स्टेशन भी शामिल थे।

कई स्टेशनों पर पानी की गुणवत्ता पर सवाल

ऑडिट के दौरान कुछ प्रमुख स्टेशनों के वाटर कूलर से पानी के नमूने लिए गए। मुंबई CSMT, हैदराबाद, कोयंबटूर और कल्याण समेत कुछ स्टेशनों पर जांच के दौरान पानी में ई-कोलाई और कोलीफॉर्म बैक्टीरिया पाए जाने की बात रिपोर्ट में सामने आई।

वहीं, 59 स्टेशनों पर पेयजल की आवश्यक जांच नहीं किए जाने का भी उल्लेख किया गया है। इससे यात्रियों के लिए सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर सवाल उठे हैं।

शौचालय और यूरिनल की भी कमी

रिपोर्ट के मुताबिक, 201 स्टेशनों पर पर्याप्त शौचालय उपलब्ध नहीं थे, जबकि 403 स्टेशनों पर यूरिनल की कमी मिली। इसके अलावा 14 स्टेशनों पर महिलाओं के लिए अलग शौचालय की व्यवस्था नहीं होने की बात सामने आई।

कुछ स्टेशनों पर हाथ धोने के लिए पर्याप्त वॉशबेसिन और शौचालयों में उचित वेंटिलेशन जैसी सुविधाएं भी नहीं मिलीं।

पंखे, वाटर कूलर और बैठने की व्यवस्था भी कमजोर

गर्मी के मौसम में यात्रियों की सुविधा के लिए जरूरी इंतजामों की स्थिति भी रिपोर्ट में संतोषजनक नहीं बताई गई। करीब 42 प्रतिशत स्टेशनों पर पर्याप्त पंखे नहीं थे। वहीं लगभग 40 प्रतिशत स्टेशनों पर वाटर कूलर खराब पाए गए।

करीब 15 प्रतिशत स्टेशनों पर यात्रियों के बैठने के लिए पर्याप्त बेंच या कुर्सियां नहीं थीं। ऐसे में ट्रेन का इंतजार करने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

कई यात्री सुविधा परियोजनाएं तय समय से पीछे

CAG ऑडिट में यात्री सुविधाओं से जुड़े विकास कार्यों में देरी का मुद्दा भी सामने आया। रिपोर्ट के अनुसार, करीब 59 प्रतिशत परियोजनाएं एक से चार वर्ष तक की देरी से चल रही थीं।

स्टेशन सुरक्षा से जुड़े इंतजामों में भी कमियां मिलीं। 259 स्टेशनों पर अनधिकृत प्रवेश रोकने के पर्याप्त उपाय नहीं पाए गए। वहीं, दिव्यांग यात्रियों के लिए स्टेशन सुविधाओं की स्थिति को लेकर भी रिपोर्ट में चिंताएं दर्ज की गई हैं।

रेलवे ने सुधार के लिए उठाए कदम

रिपोर्ट सामने आने के बाद रेलवे की ओर से यात्री सुविधाओं में सुधार के लिए कदम उठाने की बात कही गई है। इसके तहत ‘टैंक टू टैप’ अभियान के जरिए स्टेशनों पर पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने की योजना है।

बताया गया है कि देशभर में करीब 20 हजार स्थानों पर आधुनिक वाटर फिल्टर लगाने और पुराने जल टैंकों को बदलने की दिशा में काम किया जाएगा। पानी की गुणवत्ता की निगरानी के लिए टैंक और नलों की नियमित डिजिटल जांच की व्यवस्था भी प्रस्तावित है।

रेलवे बोर्ड द्वारा इन कार्यों की निगरानी के साथ-साथ लंबित इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को जल्द पूरा करने के लिए भी रोडमैप तैयार किए जाने की बात सामने आई है।

नोट: यह खबर उपलब्ध CAG रिपोर्ट संबंधी सामग्री के आधार पर स्वतंत्र भाषा में पुनर्लिखी गई है। आंकड़ों और परियोजनाओं की ताजा स्थिति प्रकाशित करने से पहले आधिकारिक दस्तावेज से सत्यापित करना उचित होगा।

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