Friday, October 9, 2026

BRS नेताओं से मिले प्रशांत किशोर, रेवंत रेड्डी के खिलाफ रणनीति की चर्चा तेज.

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पटना: चुनावी रणनीतिकार और जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर की तेलंगाना के विपक्षी नेताओं से मुलाकात के बाद राज्य की राजनीति में चर्चाएं तेज हो गई हैं। बताया जा रहा है कि उनकी मुलाकातें भारत राष्ट्र समिति (BRS) के नेताओं के साथ हो रही हैं। इसे 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले संभावित राजनीतिक रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।

यह घटनाक्रम बिहारियों के डीएनए को लेकर तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की कथित टिप्पणी के संदर्भ में भी चर्चा में है। हालांकि, प्रशांत किशोर और BRS के बीच किसी औपचारिक चुनावी गठबंधन या रणनीतिक समझौते की पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।

गंड्रा गौतम से मुलाकात के बाद बढ़ी हलचल

रिपोर्ट के मुताबिक, भूपालपल्ली के पूर्व BRS विधायक गंड्रा वेंकट रमन रेड्डी के बेटे गंड्रा गौतम ने हाल ही में प्रशांत किशोर से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद तेलंगाना में आगामी चुनावों और BRS की संभावनाओं को लेकर राजनीतिक अटकलें तेज हो गईं।

गंड्रा गौतम ने दावा किया कि प्रशांत किशोर का मानना है कि के. चंद्रशेखर राव (KCR) के नेतृत्व में BRS आगामी विधानसभा चुनाव में दोबारा सत्ता हासिल कर सकती है। यह उनका दावा है; इसे प्रशांत किशोर की ओर से घोषित आधिकारिक चुनावी रणनीति नहीं माना जा सकता।

बिहारियों से जुड़े बयान के बाद बढ़ा विवाद

समाचार रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रेवंत रेड्डी की बिहार और बिहारियों से जुड़ी टिप्पणी के बाद प्रशांत किशोर ने उन्हें अगले विधानसभा चुनाव में चुनौती देने की बात कही थी। इसी पृष्ठभूमि में BRS नेताओं के साथ उनकी मुलाकातों को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

हालांकि, इन बैठकों का उद्देश्य और उनमें हुई बातचीत का पूरा विवरण सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं है। इसलिए यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि प्रशांत किशोर सीधे तौर पर रेवंत रेड्डी को हराने के लिए BRS की चुनावी रणनीति तैयार कर रहे हैं।

KCR और KTR की भूमिका पर नजर

BRS की राजनीति में पार्टी प्रमुख के. चंद्रशेखर राव और केटी रामाराव की अहम भूमिका है। ऐसे में प्रशांत किशोर की पार्टी नेताओं के साथ मुलाकातों को आगामी चुनाव की तैयारियों के लिहाज से देखा जा रहा है।

अगर दोनों पक्षों के बीच चुनावी सहयोग को लेकर कोई औपचारिक निर्णय होता है, तो उसका असर तेलंगाना में विपक्ष की रणनीति पर पड़ सकता है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी मुलाकातों और नेताओं के दावों तक सीमित है।

2028 में होना है अगला विधानसभा चुनाव

तेलंगाना में पिछला विधानसभा चुनाव 2023 में हुआ था। अगला चुनाव 2028 में निर्धारित कार्यकाल के अनुसार होना है। चुनाव में अभी समय होने के बावजूद राज्य में राजनीतिक दलों की तैयारियों और संभावित रणनीतिक साझेदारियों पर चर्चा शुरू हो गई है।

प्रशांत किशोर और BRS के बीच संपर्क आगे किस रूप में विकसित होता है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा। फिलहाल किसी गठबंधन या चुनावी समझौते की आधिकारिक घोषणा की पुष्टि नहीं है।

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