Monday, August 24, 2026

BPSC परीक्षा नियंत्रक के बयान पर विवाद, CM सम्राट चौधरी ने कार्रवाई के दिए निर्देश.

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पटना। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह के एक बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अभ्यर्थियों से जुड़े सवाल के जवाब में कही गई एक कहावत पर छात्रों और राजनीतिक दलों ने आपत्ति जताई। मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही गई बात पर विवाद

सोमवार को BPSC की प्रेस कॉन्फ्रेंस में परीक्षाओं और अभ्यर्थियों से जुड़े विभिन्न सवालों पर जानकारी दी जा रही थी। इसी दौरान 70वीं BPSC परीक्षा में तीसरे स्थान पर रहे एक अभ्यर्थी की उत्तर पुस्तिका को लेकर सवाल पूछा गया।

जवाब के दौरान परीक्षा नियंत्रक ने मामले में न्यायालय जाने की बात कही और एक कहावत का इस्तेमाल किया। इसका वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर प्रतिक्रिया शुरू हो गई। कई अभ्यर्थियों और राजनीतिक संगठनों ने अधिकारी की भाषा पर सवाल उठाए।

मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान

विवाद बढ़ने के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मामले का संज्ञान लिया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारी से बात करने के बाद सामान्य प्रशासन विभाग को उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया है।

सरकार की ओर से इस कदम को अधिकारी के बयान से पैदा हुए विवाद के संदर्भ में देखा जा रहा है।

अधिकारी ने दी सफाई, जताया खेद

विवाद के बाद परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह ने अपने बयान को लेकर स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने कहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने एक कहावत का प्रयोग किया था, जिसे सोशल मीडिया पर अलग संदर्भ में लिया गया।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका किसी व्यक्ति या समूह की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का उद्देश्य नहीं था। यदि उनकी बात से किसी को आपत्ति या ठेस पहुंची है, तो उन्होंने इसके लिए खेद व्यक्त किया।

हालांकि, उनके स्पष्टीकरण के बावजूद विवाद जारी रहा और सरकार ने कार्रवाई का फैसला लिया।

तेजस्वी यादव समेत विपक्षी नेताओं ने जताई नाराजगी

मामले पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी आपत्ति जताई। वे गर्दनीबाग में प्रदर्शन कर रहे BPSC अभ्यर्थियों के बीच पहुंचे और परीक्षा नियंत्रक से माफी की मांग की। उनका कहना था कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के प्रति अधिकारियों को संवेदनशील भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए।

जन सुराज की ओर से भी अधिकारी के बयान पर आपत्ति जताते हुए माफी की मांग की गई।

अभ्यर्थियों से जुड़े सवाल पर हुई थी टिप्पणी

बताया गया कि प्रेस कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य TRE-4 सहित विभिन्न परीक्षाओं से जुड़े अभ्यर्थियों के सवालों का जवाब देना था। इसी दौरान 70वीं BPSC परीक्षा की उत्तर पुस्तिका से जुड़े प्रश्न पर परीक्षा नियंत्रक ने प्रतिक्रिया दी थी।

अब इस पूरे विवाद में सरकार के अगले प्रशासनिक कदम पर नजर है।

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