Monday, August 10, 2026

Bokaro News: केंद्र की नीतियों के विरोध में किसान-मजदूरों का प्रदर्शन, गरगा पुल पर चक्का जाम के बाद गिरफ्तारियां.

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Bokaro: केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर सोमवार को बोकारो में किसान-मजदूरों ने प्रदर्शन किया। आंदोलन के दौरान बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने गिरफ्तारी दी। यह कार्यक्रम देशव्यापी विरोध अभियान के तहत आयोजित किया गया।

अलग-अलग रास्तों से गरगा पुल पहुंचे प्रदर्शनकारी

मजदूरों की रैली हवाई अड्डे के समीप से शुरू होकर चास स्थित गरगा पुल तक पहुंची। वहीं किसानों का जत्था चेक पोस्ट की ओर से पुल के पास पहुंचा। दोनों समूहों के जुटने के बाद गरगा पुल पर कुछ समय के लिए आवागमन प्रभावित हुआ।

करीब आधे घंटे तक स्थिति बनी रहने के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। बाद में गिरफ्तार लोगों को अमृत पार्क स्थित कैंप जेल ले जाया गया।

महंगाई और बेरोजगारी समेत कई मुद्दे उठाए

प्रदर्शन के दौरान भाकपा माले (लिबरेशन) के नेता राजू दुबे ने किसान-मजदूरों को संबोधित किया। उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की आर्थिक स्थिति को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।

उन्होंने मजदूर अधिकारों, सार्वजनिक क्षेत्र और प्राकृतिक संसाधनों के कथित निजीकरण तथा भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक जैसे मुद्दों का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक, लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक आंदोलन की जरूरत है।

चारों लेबर कोड वापस लेने की मांग

प्रदर्शनकारियों ने चारों लेबर कोड के उन प्रावधानों को वापस लेने की मांग की जिन्हें यूनियनें मजदूर हितों के खिलाफ मानती हैं।

इसके अलावा सभी लोगों के लिए खाद्य सुरक्षा, बेहतर स्वास्थ्य और शिक्षा, आवास तथा सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई।

किसानों के लिए MSP और कर्जमाफी की मांग

संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े प्रदर्शनकारियों ने सभी कृषि उत्पादों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद की कानूनी गारंटी देने की मांग रखी। किसानों की कर्जमाफी और उनकी आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए ठोस कदम उठाने की भी मांग की गई।

मजदूर संगठनों ने रोजगार के अवसर बढ़ाने और न्यूनतम मजदूरी की गारंटी सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

यूनियन और किसान संगठनों के नेता रहे मौजूद

कार्यक्रम में विभिन्न ट्रेड यूनियनों और किसान संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए। इनमें एटक के महामंत्री रामाश्रय प्रसाद सिंह, सीटू के महामंत्री आरके गोराई, एक्टू के महामंत्री देवदीप सिंह दिवाकर, जेकेएमयू के महामंत्री डीसी गोहाई, एआईयूटीयूसी के महामंत्री मोहन चौधरी और HMS के आरके वर्मा सहित अन्य नेता मौजूद रहे।

संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से कुमुद महतो, विश्वनाथ बनर्जी, शकुर अंसारी, आरएस शर्मा, धनंजय कुमार, रामागार सिंह, आईडी प्रसाद, गया राम शर्मा, भीम रजक, शांति भारत, देव कुमार और कुमार सत्येंद्र समेत कई लोगों ने कार्यक्रम में भाग लिया।

आयोजकों ने कहा कि किसान और मजदूरों से जुड़े मुद्दों को लेकर उनका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।

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