Monday, August 10, 2026

Bokaro News: बदहाल सड़क के विरोध में ग्रामीणों का अनोखा प्रदर्शन, कीचड़ में धान रोपकर जताया आक्रोश.

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Bokaro: बोकारो जिले के चंदनकियारी प्रखंड स्थित कुमीरडोबा पंचायत में सड़क की खराब स्थिति को लेकर ग्रामीणों ने अनोखे तरीके से विरोध दर्ज कराया। लंबे समय से जर्जर पड़ी सड़क पर ग्रामीणों ने धान की रोपाई कर अपना आक्रोश जताया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सड़क पर जगह-जगह गड्ढे, कीचड़ और पानी जमा है, जिससे रोजमर्रा का आवागमन मुश्किल हो गया है।

2014 में मिली थी सड़क निर्माण की मंजूरी

ग्रामीणों के मुताबिक, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत वर्ष 2014 में करीब 3.2 किलोमीटर सड़क के निर्माण की स्वीकृति दी गई थी। इस परियोजना पर लगभग 2.5 करोड़ रुपये खर्च होने की बात कही जा रही है।

ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी रिकॉर्ड में सड़क का काम पूरा दिखाया गया है, लेकिन मौके पर सड़क की स्थिति इसके विपरीत है। बारिश के मौसम में कई स्थानों पर सड़क पूरी तरह कीचड़ और जलजमाव से घिर जाती है, जिससे लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी होती है।

धान का बिचड़ा लेकर सड़क पर पहुंचे ग्रामीण

विरोध प्रदर्शन में पंचायत के अलग-अलग गांवों से बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और बच्चे शामिल हुए। ग्रामीण अपने साथ धान का बिचड़ा लेकर पहुंचे और सड़क पर जमा पानी तथा कीचड़ के बीच उसकी रोपाई की।

प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने सड़क निर्माण और कथित तौर पर खर्च की गई राशि को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने सड़क किनारे बांस लगाकर पोस्टर भी लगाए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

ग्रामीणों ने “सड़क नहीं तो वोट नहीं” जैसे नारे लगाते हुए जल्द से जल्द सड़क की स्थिति सुधारने की मांग की।

बारिश में स्कूल जाने वाले बच्चों को परेशानी

स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क की बदहाली का असर बच्चों की पढ़ाई पर भी पड़ रहा है। बारिश के दिनों में रास्ते पर पानी और कीचड़ जमा होने से विद्यार्थियों को स्कूल जाने में दिक्कत होती है।

प्रदर्शन में शामिल 12वीं कक्षा की छात्रा फूल कुमारी ने बताया कि उसे रोज लगभग चार किलोमीटर की दूरी तय करके स्कूल जाना पड़ता है। उसके अनुसार, बरसात के दौरान सड़क पर फिसलन और पानी के कारण कई बार बच्चे गिरकर चोटिल हो जाते हैं।

छात्रा ने कहा कि वे अपनी पढ़ाई जारी रखना चाहते हैं, लेकिन सड़क की खराब स्थिति के कारण स्कूल पहुंचना भी चुनौती बन जाता है। ग्रामीणों ने सड़क का निर्माण या मरम्मत जल्द शुरू नहीं होने पर आंदोलन जारी रखने की बात कही है।

ग्रामीणों ने मांगा सड़क निर्माण का समाधान

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क सिर्फ आवागमन का माध्यम नहीं, बल्कि गांवों को स्कूल, बाजार और अन्य जरूरी सुविधाओं से जोड़ने का प्रमुख रास्ता है। उनका आरोप है कि वर्षों से समस्या बनी होने के बावजूद इस दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से सड़क की वास्तविक स्थिति की जांच कराने तथा जल्द निर्माण या मरम्मत कार्य शुरू कराने की मांग की है।

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