28 अक्टूबर 2026 | BHARATSUPERFASTNEWS
Bihar News: बिहार में नक्सलवाद के खिलाफ चलाए गए अभियानों, शांति बहाली और ग्रामीण क्षेत्रों में हुए बदलावों को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने के लिए राज्य का एक विशेष दल गुजरात रवाना हुआ है। बुधवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना के पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन से विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह दल 31 अक्टूबर को गुजरात के एकता नगर में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में हिस्सा लेगा।
इस प्रतिनिधिमंडल में बिहार के 22 पूर्व नक्सल प्रभावित जिलों से चुने गए 1,100 ग्रामीण और बिहार विशेष कार्य बल (STF) के 206 पुलिसकर्मी शामिल हैं। समारोह के दौरान प्रतिभागी नक्सलवाद के खिलाफ मिली सफलता, सुरक्षा व्यवस्था में आए बदलाव और स्थानीय समुदायों के अनुभव साझा करेंगे।
22 जिलों के 1,100 ग्रामीण करेंगे बिहार का प्रतिनिधित्व
बिहार गृह विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, विशेष दल में राज्य के 22 पूर्व नक्सल प्रभावित जिलों के ग्रामीणों को शामिल किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रत्येक जिले से 50 ग्रामीणों का चयन किया गया है।
ये प्रतिभागी राष्ट्रीय मंच पर अपने व्यक्तिगत और सामाजिक अनुभव साझा करेंगे। कार्यक्रम में यह बताने पर जोर रहेगा कि सुरक्षा बलों की कार्रवाई और स्थानीय लोगों के सहयोग से प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापित करने तथा विकास की मुख्यधारा से जुड़ने के प्रयास किस तरह आगे बढ़े।
दल में शामिल 206 STF पुलिसकर्मी भी बिहार में नक्सलवाद के खिलाफ चलाए गए अभियानों का प्रतिनिधित्व करेंगे।
31 अक्टूबर को एकता नगर में होगा राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह
गुजरात के एकता नगर, जिसे केवड़िया के नाम से भी जाना जाता है, में 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस का मुख्य समारोह आयोजित किया जाएगा। यह दिवस देश के पहले उपप्रधानमंत्री और गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समारोह में शामिल होंगे और सरदार पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद विभिन्न राज्यों की पुलिस और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की ओर से संयुक्त मार्च-पास्ट आयोजित किया जाएगा।
समारोह में विभिन्न राज्यों के पूर्व नक्सल प्रभावित इलाकों से आए ग्रामीणों और कलाकारों की भागीदारी भी प्रस्तावित है।
लोक संस्कृति और विकास की कहानियां भी होंगी प्रस्तुत
राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में बिहार का प्रतिनिधिमंडल केवल सुरक्षा अभियानों से जुड़ी उपलब्धियां ही नहीं, बल्कि राज्य की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान भी प्रस्तुत करेगा।
रिपोर्ट के अनुसार, देश के 10 राज्यों के 126 पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से लगभग 2,000 कलाकार और ग्रामीण कार्यक्रम में भाग लेकर अपनी लोक संस्कृति और बदलाव की कहानियां साझा करेंगे।
इसके अतिरिक्त, 1 नवंबर से 15 नवंबर तक आयोजित होने वाले ‘भारत पर्व’ में बिहार की कला और संस्कृति की झलक भी देखने को मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने दिखाई हरी झंडी, कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
विशेष ट्रेन की रवानगी के समय पूर्व केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव, दीघा विधायक संजीव चौरसिया और पुलिस-प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
इस अवसर पर प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया गया। प्रतिनिधिमंडल को बिहार में सुरक्षा, सामाजिक सद्भाव और विकास से जुड़े अनुभवों को देश के अन्य हिस्सों के सामने रखने का अवसर मिलेगा।
बिहार के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह प्रतिनिधिमंडल?
पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के ग्रामीणों और सुरक्षा बलों की संयुक्त भागीदारी इस कार्यक्रम का प्रमुख पहलू है। इससे प्रभावित इलाकों में शांति बहाली, जनसहयोग और विकास से जुड़े अनुभवों को साझा किया जा सकेगा।
राष्ट्रीय एकता दिवस के मंच पर बिहार की भागीदारी राज्य के उन क्षेत्रों की तस्वीर प्रस्तुत करने का अवसर है, जहां सुरक्षा और विकास से जुड़े प्रयासों के जरिए सामान्य जनजीवन को मजबूत बनाने की कोशिश की गई है।
BHARATSUPERFASTNEWS निष्कर्ष: राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में भाग लेने के लिए बिहार का विशेष दल गुजरात पहुंचकर राज्य के पूर्व नक्सल प्रभावित जिलों के अनुभव साझा करेगा। इसमें 1,100 ग्रामीणों और 206 STF पुलिसकर्मियों की भागीदारी निर्धारित है। समारोह 31 अक्टूबर को एकता नगर में आयोजित होगा।
