28 अक्टूबर 2026 | BHARATSUPERFASTNEWS
Jharkhand News: झारखंड में पुलिस व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पांच नए थाना और ओपी भवनों के निर्माण की योजना तैयार की गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत देवघर, पाकुड़, रांची, पूर्वी सिंहभूम और गिरिडीह में इन भवनों का निर्माण प्रस्तावित है। इन योजनाओं पर कुल 13 करोड़ 86 लाख 74 हजार 300 रुपये खर्च होने का अनुमान है।
गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने इन निर्माण योजनाओं के लिए प्रशासनिक स्वीकृति की प्रक्रिया आगे बढ़ाते हुए प्रधान महालेखाकार, झारखंड को प्रस्ताव भेजा है। प्रस्तावित भवनों में जमशेदपुर के टेल्को में बनने वाला स्मार्ट थाना भवन भी शामिल है।
टेल्को में बनेगा स्मार्ट थाना, 5.44 करोड़ रुपये प्रस्तावित
पांचों योजनाओं में सबसे अधिक राशि पूर्वी सिंहभूम जिले के जमशेदपुर स्थित टेल्को में बनने वाले स्मार्ट थाना भवन के लिए निर्धारित की गई है। इस भवन के निर्माण पर 5 करोड़ 44 लाख 34 हजार रुपये खर्च होने का अनुमान है।
इस परियोजना का उद्देश्य पुलिसकर्मियों के लिए बेहतर कार्यस्थल उपलब्ध कराना और थाना स्तर पर जरूरी सुविधाओं को विकसित करना है। हालांकि, स्मार्ट थाना भवन में उपलब्ध कराई जाने वाली विशिष्ट सुविधाओं का विस्तृत विवरण उपलब्ध जानकारी में नहीं दिया गया है।
किस जिले में कहां बनेंगे नए थाना और ओपी भवन?
राज्य के पांच जिलों में प्रस्तावित निर्माण योजनाओं का विवरण इस प्रकार है:
- देवघर: पथरौल थाना भवन के निर्माण पर 3 करोड़ 17 लाख 99 हजार 900 रुपये खर्च होने का अनुमान है।
- पाकुड़: रद्दीपुर ओपी भवन के लिए 1 करोड़ 59 लाख 83 हजार 400 रुपये प्रस्तावित हैं।
- रांची: गोंदा में यातायात थाना भवन के निर्माण पर 2 करोड़ 4 लाख 75 हजार रुपये खर्च किए जाने का अनुमान है।
- पूर्वी सिंहभूम: जमशेदपुर के टेल्को में स्मार्ट थाना भवन के लिए 5 करोड़ 44 लाख 34 हजार रुपये प्रस्तावित हैं।
- गिरिडीह: गुनियाथर ओपी भवन के निर्माण पर 1 करोड़ 59 लाख 82 हजार रुपये खर्च होने का अनुमान है।
इन सभी योजनाओं की प्रस्तावित लागत को जोड़ने पर कुल राशि 13 करोड़ 86 लाख 74 हजार 300 रुपये होती है।
डीपीआर और तकनीकी मानकों के आधार पर तैयार हुआ प्राक्कलन
विभागीय जानकारी के अनुसार, झारखंड पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड, रांची की ओर से निर्माण योजनाओं के लिए अनुमोदित नक्शा, तकनीकी प्रतिवेदन, तकनीकी स्वीकृति प्राप्त प्राक्कलन और विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) प्रस्तुत किया गया है।
निर्माण लागत का आकलन निर्धारित सरकारी दरों और संबंधित तकनीकी मानकों के आधार पर किया गया है। विभागीय पत्र में महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक, झारखंड के कार्यालय से 29 जून 2026 को जारी पत्र का भी उल्लेख किया गया है।
इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर थाना और ओपी भवनों के निर्माण के लिए प्रशासनिक स्वीकृति का प्रस्ताव आगे बढ़ाया गया है।
प्रशासनिक स्वीकृति के बाद शुरू होगी आगे की प्रक्रिया
फिलहाल इन योजनाओं के लिए प्रशासनिक स्वीकृति की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है। स्वीकृति मिलने के बाद आवश्यक वित्तीय और विभागीय औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।
नए थाना और ओपी भवनों के निर्माण से संबंधित क्षेत्रों में पुलिसकर्मियों को बेहतर कार्यस्थल उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। साथ ही, यातायात थाना और अन्य पुलिस इकाइयों के लिए जरूरी आधारभूत सुविधाओं को विकसित करने की दिशा में भी यह पहल महत्वपूर्ण होगी।
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