28 अक्टूबर 2026 | BHARATSUPERFASTNEWS
Bihar Cabinet Meeting 2026: बिहार में विकास योजनाओं, बिजली व्यवस्था, सड़क निर्माण, उद्योग और शिक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में 28 अक्टूबर 2026 को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में कुल 43 एजेंडों को मंजूरी दी गई। इनमें बिजली वितरण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 11,096.55 करोड़ रुपये की योजना, पटना में अंडरग्राउंड रोड कॉरिडोर की स्टडी के लिए 18.21 करोड़ रुपये और सुपौल-अररिया नई रेल लाइन के लिए जमीन हस्तांतरण जैसे प्रस्ताव शामिल हैं।
बैठक में उद्योगों को बढ़ावा देने, पुलिस व्यवस्था मजबूत करने, अदालतों में नए पद सृजित करने, बिहार AI पॉलिसी 2026 लागू करने और बाढ़ प्रबंधन से जुड़े प्रस्तावों पर भी निर्णय लिए गए।
बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए 11,096.55 करोड़ रुपये की योजना
बिहार की बिजली वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अधिकतम तीन वर्षों में 11,096.55 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना को मंजूरी दी गई है। इस राशि में उत्तर बिहार और दक्षिण बिहार की बिजली वितरण कंपनियों के लिए अलग-अलग प्रावधान किए गए हैं।
- उत्तर बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी: 6,066 करोड़ रुपये
- दक्षिण बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी: 5,030.55 करोड़ रुपये
योजना के तहत दोनों कंपनियां बैंकों और वित्तीय संस्थानों से ऋण लेने की दिशा में काम करेंगी। इसके अलावा दरभंगा और खगौल के ग्रिड उपकेंद्रों में 200 एमवीए क्षमता के दो पावर ट्रांसफॉर्मर लगाने के लिए 33.44 करोड़ रुपये की योजना को भी मंजूरी मिली है।
पटना में अंडरग्राउंड रोड कॉरिडोर की स्टडी को मंजूरी
पटना में अंडरग्राउंड रोड कॉरिडोर विकसित करने की संभावनाओं के अध्ययन के लिए 18.21 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत को मंजूरी दी गई है। इस प्रस्ताव से जुड़ी स्टडी के आधार पर आगे की योजना तैयार की जाएगी।
कैबिनेट ने राज्य की कई प्रमुख सड़कों से संबंधित प्रस्तावों को भी मंजूरी दी। इनमें बक्सर-आरा-मनेर का 90 किलोमीटर लंबा विश्वामित्र पथ, 56 किलोमीटर लंबा गंगा अम्बिका पथ और गोपालगंज का 73.51 किलोमीटर लंबा नारायणी पथ शामिल है। इन सड़कों से संबंधित सलाहकार सेवाओं के लिए करीब 37.10 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया है।
विश्वामित्र पथ की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR), भूमि अधिग्रहण और जरूरी मंजूरियों से संबंधित कार्यों के लिए 2.60 करोड़ रुपये तथा नारायणी पथ के लिए 2.10 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।
वहीं, भागलपुर में दीनदयाल उपाध्याय चौक से भवनपुरा पथ तक 8.35 किलोमीटर सड़क को चौड़ा और मजबूत करने के लिए 68.68 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत को मंजूरी मिली है।
सुपौल-अररिया रेल लाइन के लिए जमीन हस्तांतरण
सुपौल-अररिया नई रेल लाइन परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार की जमीन रेलवे मंत्रालय को हस्तांतरित करने से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है।
प्रस्ताव के अनुसार, सुपौल के पिपरा क्षेत्र में लगभग 3.13 एकड़ जमीन के हस्तांतरण के लिए 66.97 लाख रुपये और त्रिवेणीगंज-पिपरा क्षेत्र में लगभग 21.48 एकड़ जमीन के लिए 4.22 करोड़ रुपये के भुगतान को मंजूरी मिली है।
मोतीपुर की बंद चीनी मिल की जमीन पर स्थापित होंगे उद्योग
मुजफ्फरपुर जिले के मोतीपुर में बंद पड़ी बिहार राज्य चीनी निगम की इकाई की 151.58 एकड़ जमीन उद्योग विभाग को सौंपने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इस जमीन का उपयोग दूसरे उद्योग स्थापित करने के लिए किए जाने की योजना है। जमीन मौजूदा स्थिति में ही हस्तांतरित की जाएगी।
इसके साथ ही नवादा जिले के वारिसलीगंज क्षेत्र में नई चीनी मिल और गन्ने से अन्य उत्पाद बनाने वाली इकाइयां स्थापित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली है। इस परियोजना को इंडियन पोटाश लिमिटेड स्थापित करेगी। बैंक मूल्यांकन रिपोर्ट के आधार पर स्वीकृत परियोजना लागत का 40 प्रतिशत वित्तीय सहयोग देने का प्रावधान किया गया है।
किशनगंज के ठाकुरगंज में औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए एक कंपनी को वित्तीय सहायता देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली है।
उद्योग और MSME क्षेत्र के लिए नई नीतियां
कैबिनेट ने बिहार बायो-फ्यूल एवं कंप्रेस्ड बायोगैस उत्पादन प्रोत्साहन नीति 2026, बिहार MSME नीति 2026 और मुख्यमंत्री सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग क्लस्टर विकास योजना 2026 से संबंधित प्रस्तावों को मंजूरी दी है। इन पहलों का उद्देश्य राज्य में औद्योगिक गतिविधियों और निवेश को प्रोत्साहित करना है।
बिहार AI पॉलिसी 2026 को मंजूरी
राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए बिहार AI पॉलिसी 2026 को मंजूरी दी गई है।
इसके अलावा सरकारी सेवाओं और उनसे जुड़ी जानकारी आम लोगों तक WhatsApp के माध्यम से पहुंचाने की योजना को लागू करने के लिए BSNL का चयन करने का प्रस्ताव मंजूर हुआ है। इस योजना पर 2.34 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
पुलिस और आर्थिक अपराध इकाई में बढ़ेंगे पद
कैबिनेट ने मोतिहारी, पूर्णिया और सारण जिलों में नगर पुलिस अधीक्षक कार्यालयों के संचालन के लिए कुल 12 पद सृजित करने की मंजूरी दी है। इनमें एसपी स्तर के तीन पद भी शामिल हैं।
भागलपुर में कानून-व्यवस्था से संबंधित पुलिस पदों के ढांचे में बदलाव को भी मंजूरी मिली है। वहीं, आर्थिक अपराध इकाई की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए क्षेत्रीय इकाइयों में 143 पद सृजित करने का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया है।
राज्य के फॉरेंसिक कार्यालयों को पुलिस के नियंत्रण से अलग कर गृह विभाग के सीधे नियंत्रण में लाने और उनके लिए अलग निदेशालय की व्यवस्था करने से संबंधित प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है।
अदालतों और सरकारी सेवाओं से जुड़े अहम फैसले
न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मधुबनी न्यायमंडल में NDPS कानून के तहत दर्ज मामलों की सुनवाई के लिए विशेष अदालत बनाने और जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश का एक पद सृजित करने की मंजूरी दी गई है।
पटना में एक करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के व्यावसायिक मामलों की सुनवाई के लिए दो अतिरिक्त विशेष वाणिज्यिक अदालतें बनाने तथा दो न्यायिक पद सृजित करने का प्रस्ताव भी स्वीकृत हुआ है।
इसके अलावा बिहार सूचना आयोग में एक अतिरिक्त राज्य सूचना आयुक्त का पद बनाने, बिहार सचिवालय सेवा संशोधन नियमावली 2026 को मंजूरी देने और बिहार प्रशासनिक सेवा के विभिन्न ग्रेड के पदों के पुनर्गठन से संबंधित निर्णय लिए गए हैं।
खेल और बीज गुणवत्ता जांच के लिए बजट मंजूर
बिहार राज्य खेल-2026 के आयोजन के लिए बिहार ओलंपिक संघ को 12 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने की मंजूरी दी गई है।
कृषि क्षेत्र में बीज की गुणवत्ता जांच को मजबूत बनाने, संबंधित सुविधाओं में सुधार करने और राष्ट्रीय बीज भंडारण से जुड़े कार्यों के लिए वित्त वर्ष 2026-27 में लगभग 11.83 करोड़ रुपये की योजना को स्वीकृति मिली है।
कैबिनेट ने सूक्ष्म एवं लघु उद्योग सुविधा परिषद नियमावली 2026 को भी मंजूरी दी। इसके अतिरिक्त पशु आहार में उपयोग होने वाले कोलीन तथा बायोडीजल और फॉर्मल्डिहाइड उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले मेथनॉल के आयात से संबंधित प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई है। बिहार से बाहर औद्योगिक उपयोग के लिए भेजे जाने वाले इथेनॉल में निर्धारित मानकों के अनुसार 12 विकृतिकारी पदार्थों के मिश्रण से जुड़े प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली है।
सहरसा हवाई पट्टी 30 साल के पट्टे पर देने का फैसला
कैबिनेट ने सहरसा हवाई पट्टी की 1,000 वर्ग मीटर जमीन उड़ान प्रशिक्षण संस्थान और उससे जुड़ी गतिविधियों के लिए GRD एयर अकादमी को 30 साल के पट्टे पर देने की मंजूरी दी है।
उड़ान योजना के तहत मई 2026 से सितंबर 2028 तक भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को व्यवहार्यता अंतर निधि (Viability Gap Funding) के रूप में हर महीने 1.5 करोड़ रुपये देने का प्रस्ताव भी मंजूर हुआ है। कुल 29 महीनों के लिए यह राशि 43.50 करोड़ रुपये होगी।
बाढ़ प्रबंधन और बांध सुरक्षा के लिए करोड़ों रुपये मंजूर
बिहार में बाढ़ के जोखिम को समझने और प्रबंधन की तैयारी मजबूत करने के लिए कोसी, गंडक और सोन नदियों के बाढ़ क्षेत्र की पहचान से जुड़े अध्ययन हेतु 1.99 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
इसके अलावा राष्ट्रीय बांध सुरक्षा अधिनियम 2021 के तहत राज्य के 24 बांधों की स्थिति और सुरक्षा का आकलन करने के लिए करीब 8.39 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इस कार्य में डिजाइन के आधार पर बाढ़ का आकलन, आपातकालीन कार्ययोजना तैयार करना और बांधों के रखरखाव का मैनुअल बनाना शामिल है।
बिहार कैबिनेट के फैसलों से विकास योजनाओं को मिलेगी गति
28 अक्टूबर की कैबिनेट बैठक में कुल 43 एजेंडों पर मंजूरी के साथ बिजली, सड़क, रेलवे, उद्योग, शिक्षा, पुलिस, न्यायिक व्यवस्था, खेल और बाढ़ प्रबंधन जैसे क्षेत्रों से जुड़े फैसले लिए गए। इन प्रस्तावों के लागू होने की समयसीमा और जमीनी प्रगति संबंधित विभागों की आगे की कार्रवाई पर निर्भर करेगी।
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