बक्सर में शिक्षा विभाग ने कार्यालयों में अनधिकृत प्रवेश पर कड़ा रुख अपनाया है। सीसी कैमरों की रिकॉर्डिंग में अनधिकृत व्यक्तियों का जमावड़ा दिखने पर डीईओ संदीप रंजन ने शिक्षकों को कार्यालय आने से मना किया। जनता दरबार शनिवार को लगेगा और बिना अनुमति के अभिलेख देना गोपनीयता भंग करने जैसा माना जाएगा। उल्लंघन करने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बक्सर। कार्यालयों में अनधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश और सरकारी कामकाज में बाधा की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। विभाग के कार्यालय में लगे सीसी कैमरों की पुरानी रिकॉर्डिंग को देखने के उपरांत जिला शिक्षा पदाधिकारी संदीप रंजन ने यह रुख अख्तियार किया है।
उन्होंने कहा है कि रिकॉर्डिंग के अवलोकन में यह पाया गया कि कार्यालय कर्मियों के कक्षों में अनधिकृत व्यक्तियों का जमावड़ा लगा रहता है, जो विभाग के स्पष्ट आदेशों का उल्लंघन है। डीईओ ने शिक्षकों को भी कार्यालय आने से मना किया है।
इस बाबत जारी आदेश में उन्होंने कहा है कि आम नागरिकों के लिए जनता दरबार केवल शनिवार को आयोजित किया जाता है। इसके अतिरिक्त, यदि किसी भी आम नागरिक या विभागीय कर्मी को कार्यालय से कोई सहायता या सूचना चाहिए, तो उन्हें नियमानुसार आवेदन प्रक्रिया का पालन करना होगा।
यह स्पष्ट किया गया है कि बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के किसी भी कार्यालय कर्मी से उनके निर्धारित स्थान पर कार्य समय में मिलना या उनसे बातचीत करना सरकारी कार्य में बाधा माना जाएगा। साथ ही, बिना उचित प्रक्रिया के कोई भी सरकारी अभिलेख प्राप्त करना गैरकानूनी होगा।
कार्यालय में कार्यरत सभी पदाधिकारियों और कर्मियों को भी यह निर्देश दिया गया है कि वे किसी भी बाहरी या अनधिकृत व्यक्ति को अपने कक्ष में न बुलाएं और न ही बिठाएं।
डीईओ ने कहा है कि किसी भी बाहरी व्यक्ति को बिना उचित प्रक्रिया के कार्यालय का कोई भी अभिलेख उपलब्ध कराना कार्यालय की गोपनीयता भंग करने, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने और सरकारी अभिलेखों की सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने जैसा गंभीर कृत्य माना जाएगा। इसे आपराधिक कृत्य की श्रेणी में भी रखा जा सकता है।
डीईओ ने कहा है कि यह सख्त निर्देश इसलिए जारी किए गए हैं, क्योंकि पूर्व में कार्यालय में पदाधिकारियों और कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएं घटित हो चुकी हैं। इसके अतिरिक्त, कार्यालय के महत्वपूर्ण अभिलेखों के गायब होने और अनधिकृत रूप से बाहरी व्यक्तियों के पास पाए जाने के मामले भी सामने आए हैं।
इस परिस्थिति में सभी पदाधिकारियों और कर्मियों को आदेश दिया गया है कि वे कार्यालय अवधि में बिना पूर्व सूचना और सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के किसी भी बाहरी या अनधिकृत व्यक्ति को अपने कार्यस्थल पर नहीं बिठाएं और न ही उन्हें कोई अभिलेख या पत्र दिखाएं या दें। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने कहा है कि इस आदेश का उल्लंघन पाए जाने पर कठोर अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी।


