सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश पर CJP की आपत्ति, प्रवक्ता सौरव दास ने जताया विरोध
नई दिल्ली: छात्र आंदोलन और कथित परीक्षा धांधली के मुद्दे को लेकर सक्रिय कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सुप्रीम कोर्ट के हालिया अंतरिम आदेश पर आपत्ति दर्ज कराई है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि आंदोलन से जुड़े मामलों पर सरकार के साथ हुई बातचीत में सभी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR वापस लेने और हिरासत में लिए गए लोगों की बिना शर्त रिहाई का आश्वासन दिया गया था।
- CJP का दावा: पार्टी का कहना है कि केंद्र सरकार के साथ हुई वार्ता में आंदोलनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी मामलों को वापस लेने और हिरासत में लिए गए युवाओं को रिहा करने पर सहमति बनी थी।
- सुप्रीम कोर्ट का रुख: अंतरिम आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि जिन व्यक्तियों के खिलाफ पहले से आपराधिक मामले या FIR दर्ज हैं, उनके संबंध में कानूनी प्रक्रिया और जांच नियमानुसार जारी रहेगी।
- पार्टी की प्रतिक्रिया: सौरव दास ने कहा कि यदि पहले से दर्ज मामलों वाले व्यक्तियों को राहत नहीं दी जाती, तो CJP इस शर्त को स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने सरकार से मांग की कि समझौते के सभी बिंदुओं को बिना किसी अतिरिक्त शर्त के लागू किया जाए।
कानूनी और सार्वजनिक बहस
सुप्रीम कोर्ट के रुख के बाद सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर इस विषय पर बहस तेज हो गई है। कई लोगों का कहना है कि किसी आंदोलन में भाग लेने से पहले से दर्ज आपराधिक मामलों पर स्वतः प्रभाव नहीं पड़ता और ऐसे मामलों का निपटारा कानून के अनुसार ही होना चाहिए। वहीं, CJP का कहना है कि आंदोलन से जुड़े सभी प्रतिभागियों को समान राहत मिलनी चाहिए।
आगे की स्थिति
CJP ने संकेत दिया है कि यदि उसकी मांगों के अनुरूप कार्रवाई नहीं की गई, तो पार्टी देशव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू कर सकती है। दूसरी ओर, मामले पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया और सरकार के आगामी कदमों पर निर्भर करेगा।
