रांची: झारखंड विधानसभा के आगामी मानसून सत्र को लेकर राज्य पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है। 6 अगस्त से 12 अगस्त 2026 तक प्रस्तावित सत्र के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
संवेदनशील क्षेत्रों में बढ़ेगी निगरानी
पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, सभी जिला पुलिस अधीक्षकों (SP) को अपने-अपने क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने को कहा गया है। संवेदनशील इलाकों, सरकारी कार्यालयों, प्रमुख चौक-चौराहों, रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर गश्त बढ़ाने के साथ संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा, असामाजिक तत्वों, संगठित अपराध से जुड़े व्यक्तियों और कानून-व्यवस्था प्रभावित करने की आशंका वाले लोगों की निगरानी भी तेज करने को कहा गया है। जरूरत पड़ने पर वाहन जांच अभियान, विशेष तलाशी अभियान और रात्रि गश्ती बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
विधानसभा परिसर की सुरक्षा की कमान वरिष्ठ अधिकारियों के हाथ
विधानसभा सत्र के दौरान परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए आईजी और डीआईजी स्तर के अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। 6 अगस्त से 12 अगस्त तक (9 अगस्त को छोड़कर) प्रतिदिन दो वरिष्ठ अधिकारी सुरक्षा संचालन की जिम्मेदारी संभालेंगे।
निर्धारित रोस्टर के अनुसार:
- 6 अगस्त: आईजी असीम विक्रांत मिन्ज और डीआईजी मनोज रतन चौधरी
- 7 अगस्त: डीआईजी अश्विनी कुमार सिन्हा और डीआईजी रानी मेहता
- 10 अगस्त: आईजी अजय लिंडा और आईजी सुनील भास्कर
- 11 अगस्त: डीआईजी कार्तिक एस. और डीआईजी संजीव कुमार
- 12 अगस्त: डीआईजी नौशाद आलम और डीआईजी इंद्रजीत महथा
आपात स्थिति से निपटने की तैयारी
पुलिस मुख्यालय ने सभी प्रतिनियुक्त अधिकारियों को विधानसभा सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की लगातार निगरानी करने, विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय बनाए रखने और किसी भी महत्वपूर्ण घटना की जानकारी तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
साथ ही सभी जिलों को पर्याप्त पुलिस बल, त्वरित प्रतिक्रिया दल (Quick Response) और अन्य आवश्यक सुरक्षा संसाधन तैयार रखने को कहा गया है, ताकि विधानसभा का मानसून सत्र शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराया जा सके।
