मेदिनीनगर: झारखंड के पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी ने राज्य में बढ़ती आपराधिक घटनाओं को लेकर सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अपराधों में लगातार हो रही वृद्धि से कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक दिखाई देती है और इन घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में सरकार सफल नहीं रही है।
मंगलवार को मेदिनीनगर में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि पुलिस के निचले स्तर के कुछ अधिकारियों और अपराधियों के बीच मिलीभगत की चर्चाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
हाल ही में हुई घटनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने मेदिनीनगर बाइपास रोड स्थित जेएमपी परिसर में तैनात गार्ड विनोद पांडेय की गोली मारकर हत्या की घटना का जिक्र किया। उनके अनुसार, इस तरह की वारदातें राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती हैं। उन्होंने पुलिस मुख्यालय से अपराधियों से कथित संबंध रखने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कदम उठाने की मांग की।
प्रेस वार्ता के दौरान केएन त्रिपाठी ने केंद्र सरकार की एथेनॉल मिश्रण नीति पर भी चिंता जताई। उनका कहना था कि पेट्रोल और डीजल में एथेनॉल मिलाने से वाहनों के इंजन की कार्यक्षमता और आयु प्रभावित होने की आशंका है, जिससे भविष्य में वाहन मालिकों पर आर्थिक बोझ बढ़ सकता है। उन्होंने मांग की कि यदि इस नीति के समर्थन में कोई वैज्ञानिक अध्ययन किया गया है तो उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। साथ ही केंद्र सरकार से एथेनॉल मिश्रण नीति पर श्वेत पत्र जारी करने की भी मांग की।
