Monday, July 27, 2026

RIMS Ranchi में अब सिर्फ ₹475 में होगी HLA-B27 जांच, गठिया और जोड़ों की बीमारियों की पहचान होगी आसान.

Share

रांची: गठिया, जोड़ों में लगातार दर्द, शरीर में जकड़न और कुछ ऑटोइम्यून बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए राहत की खबर है। राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS), रांची में अब HLA-B27 जांच की सुविधा मात्र ₹475 में उपलब्ध कराई जा रही है। यही जांच निजी लैब में कराने पर मरीजों को लगभग ₹4,000 से ₹4,500 तक खर्च करना पड़ता है।

तीन महीने पहले शुरू हुई जांच सुविधा

रिम्स के लैब मेडिसिन विभाग में लगभग तीन महीने पहले HLA-B27 टेस्ट की सुविधा शुरू की गई। इसके लिए विभाग में आधुनिक RT-PCR मशीन स्थापित की गई है, जिससे जांच संस्थान के भीतर ही की जा रही है।

जांच के दौरान पहले रक्त के नमूने से डीएनए अलग किया जाता है, इसके बाद परीक्षण की प्रक्रिया पूरी की जाती है। पूरी जांच में करीब डेढ़ घंटे का समय लगता है, जिसके बाद परिणाम का विश्लेषण कर रिपोर्ट तैयार की जाती है।

निजी लैब की तुलना में काफी कम खर्च

रिम्स में यह जांच बेहद कम शुल्क पर उपलब्ध होने से मरीजों को आर्थिक राहत मिल रही है। निजी प्रयोगशालाएं आमतौर पर रक्त का नमूना बड़े शहरों की लैब में भेजती हैं, जबकि रिम्स में पूरी जांच स्थानीय स्तर पर ही की जाती है। इससे रिपोर्ट मिलने में भी सुविधा होती है।

संस्थान के अनुसार, इस जांच के लिए सबसे अधिक नमूने न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी और मेडिसिन विभाग से भेजे जाते हैं।

सरकारी मेडिकल कॉलेजों में विशेष सुविधा

रिम्स का दावा है कि झारखंड और बिहार के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में फिलहाल यह जांच सुविधा केवल रिम्स में उपलब्ध है। विशेषज्ञों का कहना है कि बदलती जीवनशैली के कारण गठिया, जोड़ों में दर्द, शरीर में अकड़न और ऑटोइम्यून बीमारियों के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है। ऐसे में यह जांच रोग की पहचान और उपचार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

कैसे की जाती है HLA-B27 जांच?

लैब विशेषज्ञों के अनुसार, HLA-B27 परीक्षण पीसीआर (PCR) या फ्लो साइटोमेट्री जैसी तकनीकों के माध्यम से किया जाता है।

  • नेगेटिव रिपोर्ट आने का अर्थ है कि रक्त में HLA-B27 प्रोटीन मौजूद नहीं है और संबंधित बीमारी की संभावना अपेक्षाकृत कम मानी जाती है।
  • पॉजिटिव रिपोर्ट का मतलब है कि यह प्रोटीन मौजूद है, जिससे कुछ आनुवंशिक और ऑटोइम्यून रोगों की आशंका का संकेत मिल सकता है। हालांकि अंतिम निदान मरीज के लक्षणों और अन्य चिकित्सीय जांचों के आधार पर डॉक्टर ही करते हैं।

किन बीमारियों में उपयोगी है यह जांच?

HLA-B27 टेस्ट का उपयोग मुख्य रूप से कुछ ऑटोइम्यून और सूजन संबंधी बीमारियों की पहचान में किया जाता है। यह जांच रीढ़ और जोड़ों में सूजन, लंबे समय से बने दर्द, कुछ प्रकार के गठिया तथा आंखों की सूजन जैसी स्थितियों के मूल्यांकन में चिकित्सकों की मदद करती है। सही समय पर जांच होने से बीमारी की पहचान और उपचार की योजना अधिक प्रभावी ढंग से बनाई जा सकती है।

Read more

Local News